कुत्ता काटने के बाद अक्सर लोग तरह-तरह की बातें सुनते हैं, जैसे इंसान कुत्ते जैसी आवाज निकालने लगता है या वैसी हरकतें करने लगता है. लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, यह पूरी तरह सच नहीं है. रेबीज़ एक बेहद खतरनाक और लगभग जानलेवा बीमारी है. एक बार इसके लक्षण दिखने लगें, तो मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए कुत्ते के काटने को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. डॉक्टर के मुताबिक, रेबीज़ का असर दिमाग पर पड़ता है, जिससे मरीज के व्यवहार में बदलाव आता है. वह बेचैन, चिड़चिड़ा हो सकता है और कभी-कभी अजीब आवाजें भी निकाल सकता है, जिसे लोग कुत्ते की आवाज समझ लेते हैं. हालांकि, यह हर मरीज में नहीं होता. रेबीज़ के प्रमुख लक्षणों में पानी से डर लगना (हाइड्रोफोबिया), गले में ऐंठन, ज्यादा लार आना, घबराहट और बेहोशी शामिल हैं. समय के साथ मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ता काटने के तुरंत बाद एंटी-रेबीज़ वैक्सीन लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है. सही समय पर इलाज मिल जाए, तो इस बीमारी से पूरी तरह बचा जा सकता है.






