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डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और अगरतला-आनंद विहार तेजस एक्सप्रेस में यह सुविधा लागू कर दी गई है. राजधानी एक्सप्रेस में यह सेवा 24 मार्च से और तेजस एक्सप्रेस में 23 मार्च से प्रभावी हो चुकी है. फिलहाल यह सुविधा फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी कोच के यात्रियों के लिए शुरू की गई है
भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसी कड़ी में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए रेलवे ने लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अपग्रेड लिनन यानी बेहतर बेडरोल सेवा शुरू की है. डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और अगरतला-आनंद विहार तेजस एक्सप्रेस में यह सुविधा लागू कर दी गई है. राजधानी एक्सप्रेस में यह सेवा 24 मार्च से और तेजस एक्सप्रेस में 23 मार्च से प्रभावी हो चुकी है. फिलहाल यह सुविधा फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी कोच के यात्रियों के लिए शुरू की गई है. इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को साफ, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देना है.
शिकायतों के बाद तकनीक से सुधरी व्यवस्था
रेलवे को लंबे समय से यात्रियों की शिकायतें मिल रही थीं कि ट्रेनों में मिलने वाले चादर और कंबल साफ नहीं होते, उनमें गंध आती है और उनकी स्वच्छता पर सवाल उठते थे. पहले लिनन की धुलाई आउटसोर्सिंग और पुरानी मशीनों के माध्यम से होती थी, जिससे गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाती थी. कई बार यात्रियों को यह भी संदेह रहता था कि जो बेडरोल उन्हें दिया गया है, वह सही तरीके से धोया गया है या नहीं. अब इस समस्या का समाधान तकनीक के जरिए किया गया है. हर बेडरोल किट पर एक यूनिक QR कोड दिया जा रहा है, जिसे स्कैन कर यात्री यह जान सकते हैं कि उसकी आखिरी बार धुलाई कब हुई, किस शिफ्ट में हुई और किस डिटर्जेंट का उपयोग किया गया. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों का भरोसा भी मजबूत होगा.
अब मिलेगा साफ-सुथरा और आरामदायक बेडरोल
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को पहले की तुलना में काफी बेहतर गुणवत्ता वाला बेडरोल दिया जा रहा है. जहां पहले साधारण और खुरदरे सूती कपड़े इस्तेमाल होते थे, वहीं अब हाई-थ्रेड काउंट वाले सॉफ्ट कॉटन का उपयोग किया जा रहा है, जो त्वचा के लिए अधिक आरामदायक है. सभी बेडरोल अब सीलबंद और सैनिटाइज्ड पैकेट में दिए जा रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा लगभग खत्म हो गया है. तकिए भी अब हल्के और सॉफ्ट फाइबर के बनाए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर आराम मिल सके. इस नई पहल से न केवल यात्रियों की शिकायतें दूर होंगी, बल्कि उनका सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, स्वच्छ और सुखद हो जाएगा. तो देर किस बात की अगर कुछ समस्या दिखे तो तुरंत करें कर कोड स्कैन और कर दे रिपोर्ट.




