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Thencha chutney recipe: कोडरमा में पारंपरिक ठेंचा चटनी अपने अनोखे स्वाद और सादगी के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है. कच्चे बादाम, हरी मिर्च, लहसुन, जीरा और सरसों तेल से बनने वाली यह चटनी साधारण भोजन को भी स्वादिष्ट बना देती है. पाचन में सहायक होने के कारण यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है.
कोडरमा. जहां एक ओर धनिया और टमाटर की चटनी हर घर में आम है. वहीं अब पारंपरिक तरीके से बनने वाली ठेंचा चटनी लोगों के बीच खास पहचान बना रही है. यह चटनी न सिर्फ अपने अलग स्वाद के लिए जानी जाती है. बल्कि यह साधारण से साधारण भोजन को भी बेहद स्वादिष्ट बना देती है. अगर थाली में ठेंचा चटनी हो, तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है और प्लेट कुछ ही मिनटों में खाली हो जाती है. दरअसल, ठेंचा चटनी की खासियत इसकी सादगी और अनोखे स्वाद में छिपी है. कम सामग्री और आसान विधि के बावजूद इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि यह हर उम्र के लोगों को पसंद आती है. ग्रामीण इलाकों में यह चटनी लंबे समय से बनाई जाती रही है. लेकिन अब शहरी क्षेत्रों में भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.
गृहिणी राधिका प्रजापति ने बताया कि ठेंचा चटनी बनाना बेहद आसान है. लेकिन इसका सही स्वाद पाने के लिए सामग्रियों का संतुलन बहुत जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि इस चटनी को बनाने के लिए कच्चे बादाम के दाने, हरी मिर्च, लहसुन की कली और साबुत जीरा मुख्य रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं. इन सभी सामग्रियों को एक चम्मच सरसों तेल के साथ गर्म तवे पर मध्यम आंच में 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह भून लिया जाता है. भूनने के बाद इन सामग्रियों को कुछ देर ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है. इसके बाद इन्हें मिक्सर ग्राइंडर में डालकर ऊपर से ताजा धनिया पत्ता मिलाया जाता है और एक गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है. अंत में स्वादानुसार नमक डालकर चटनी तैयार हो जाती है. यह चटनी चावल, रोटी, दाल या किसी भी व्यंजन के साथ खाई जा सकती है.
स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद
उन्होंने बताया कि ठेंचा चटनी का असली स्वाद इसके ताजेपन और पारंपरिक तरीके से बनाने में है. कई लोग इसे सिलबट्टे पर पीसकर बनाना ज्यादा पसंद करते हैं. जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि ठेंचा चटनी सिर्फ स्वाद तक ही सीमित नहीं है. बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जाती है. इसमें इस्तेमाल होने वाली हरी मिर्च, लहसुन और जीरा पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. वहीं सरसों तेल का उपयोग इसे एक अलग सुगंध और हल्का तीखापन देता है. यही वजह है कि यह चटनी गर्मी के मौसम में भी काफी पसंद की जाती है.
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