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Surendrapuri Spiritual Art Gallery: तेलंगाना के शमीरपेट-यादगिरिगुट्टा मार्ग पर स्थित ‘सुरेंद्रपुरी’ अपनी कृत्रिम गुफाओं और आध्यात्मिक कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध है. बिना किसी पहाड़ के बनाई गई ये गुफाएं अपनी अनूठी वास्तुकला के कारण पर्यटकों को प्राचीन काल का अहसास कराती हैं. गुफाओं के भीतर का तापमान बाहर की तुलना में काफी कम रहता है, जिससे गर्मी के मौसम में भी श्रद्धालुओं को एसी (AC) जैसी ठंडक महसूस होती है. यहाँ पौराणिक कथाओं, नर्कलोक, पाताल लोक और भारतीय देवी-देवताओं की विशाल मूर्तियों का संग्रह है. साथ ही, यहाँ भारत के 12 ज्योतिर्लिंग और 108 दिव्यदेशम की प्रतिकृतियां भी मौजूद हैं.
Artificial Caves Hyderabad: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से कुछ ही दूरी पर शमीरपेट के रास्ते पर स्थित ‘सुरेंद्रपुरी’ इन दिनों अपनी अनूठी वास्तुकला के कारण देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसे ‘आध्यात्मिक कलाधाम’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ आर्टिफिशल (कृत्रिम) गुफाओं और पौराणिक नक्काशी का ऐसा संगम है जो किसी को भी मंत्रमुग्ध कर सकता है. सुरेंद्रपुरी की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का संकरा और घुमावदार गुफा मार्ग है, जो श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक दुनिया की सैर कराता है.
सामान्यतः गुफाएं पहाड़ों को काटकर बनाई जाती हैं, लेकिन सुरेंद्रपुरी की आर्टिफिशल गुफाओं की बनावट इतनी सटीक है कि यहाँ पहुँचकर किसी फिल्म के सेट या प्राचीन काल की वास्तविक गुफाओं जैसा अनुभव होता है. मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को इन संकरी गुफाओं से होकर गुजरना पड़ता है. भगवान के दर्शन के लिए सीधा रास्ता न होकर एक रोमांचक यात्रा तय करनी होती है. गुफाओं के भीतर पौराणिक कथाओं के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया है, जो भारतीय संस्कृति और इतिहास की गहरी झलक पेश करते हैं.
भीषण गर्मी में भी एसी (AC) जैसा सुकून
जैसे ही आप इन गुफाओं के भीतर कदम रखते हैं, बाहर की चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी का अहसास पूरी तरह गायब हो जाता है. गुफाओं के निर्माण में प्रयुक्त विशेष सामग्री और उनकी बनावट के कारण अंदर का वातावरण प्राकृतिक रूप से ठंडा और शांत बना रहता है. यहाँ की हल्की रोशनी और शांति श्रद्धालुओं के मानसिक तनाव को कम करने में जादुई असर डालती है. यहाँ मुख्य रूप से नर्कलोक और पाताल लोक के दृश्यों को इतनी बारीकी से उकेरा गया है कि बच्चे और बड़े दोनों ही इसे देखकर दंग रह जाते हैं. इसके अतिरिक्त, यहाँ देश के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों और 108 दिव्यदेशम मंदिरों की हूबहू प्रतिकृतियां भी देखी जा सकती हैं.
पर्यटकों के लिए जानकारी: कैसे पहुँचें और क्या है शुल्क
सुरेंद्रपुरी पहुँचने के लिए शमीरपेट से यादगिरिगुट्टा की ओर जाने वाला मार्ग सबसे सुगम है. विशेष रूप से वीकेंड पर यहाँ पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है. प्रवेश शुल्क की बात करें तो वयस्कों के लिए टिकट 350 रुपये और 5 से 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए 300 रुपये निर्धारित है, जबकि 5 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क है. यदि आप भी इतिहास, बेजोड़ कला और आध्यात्मिकता का संगम एक साथ देखना चाहते हैं, तो सुरेंद्रपुरी आपके लिए एक बेहतरीन वन-डे ट्रिप (One-Day Trip) साबित हो सकता है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें





