असम की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया जब कांग्रेस के दिग्गज नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भूइयां शर्मा के नाम पर तीन अलग-अलग इस्लामिक देशों के पासपोर्ट और संपत्तियों के दस्तावेज लहरा दिए. कांग्रेस इसे मुख्यमंत्री के खिलाफ एक ‘विनाशकारी ब्रह्मास्त्र’ मान रही थी लेकिन चंद घंटों के भीतर ही पासा पलट गया. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन दस्तावेजों का ऐसा ‘पोस्टमॉर्टम’ किया कि कांग्रेस का पूरा दावा ताश के पत्तों की तरह ढहता नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री ने सबूतों के साथ दिखाया कि कैसे एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता ने कच्ची फोटोशॉपिंग और डिजिटल हेरफेर के सहारे एक फर्जी कहानी गढ़ने की कोशिश की. रिनिकी भूइयां शर्मा ने भी तीखा तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की सिर्फ तपस्या में ही नहीं बल्कि AI जनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी भारी कमी रह गई है.
मुख्यमंत्री ने बताई ‘प्रोपेगेंडा’ की 7 गलतियां
हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर दस्तावेजों की विसंगतियों को बिंदुवार साझा करते हुए पवन खेड़ा के दावों की हवा निकाल दी:
1. सरनेम में गलती: दस्तावेजों में आधिकारिक “SHARMA” की जगह “SARMA” का इस्तेमाल किया गया है.
2. फोटो का फर्जीवाड़ा: पासपोर्ट में बायोमेट्रिक कैप्चर की जगह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एक सामान्य फोटो का उपयोग किया गया है.
3. यूएई आईडी (UAE ID) में गड़बड़ी: आईडी सीक्वेंस जन्म के वर्ष के पैटर्न से मेल नहीं खाता और राष्ट्रीयता में मिसमैच है.
4. पासपोर्ट डेटा में अंतर: एंटीगुआ और बारबुडा के साथ-साथ मिस्र (Egypt) के पासपोर्ट में प्रिंटेड फील्ड और MRZ कोड के बीच एक्सपायरी डेट और नंबरों का मिलान नहीं हो रहा है.
5. स्पेलिंग की भारी भूल: मिस्र के पासपोर्ट पर “Egyptian” की जगह “Egyptiann” लिखा गया है जो किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में संभव नहीं है.
6. अमान्य क्यूआर कोड: प्रॉपर्टी के दस्तावेजों पर दिया गया QR कोड स्कैन करने पर किसी भी वैध रिकॉर्ड तक नहीं ले जाता.
7. अरबी संदर्भ: दस्तावेजों में अरबी भाषा का गलत संदर्भ दिया गया है जो इनके फर्जी होने का पुख्ता सबूत है.
सीएम की पत्नी का तंज
मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भूइयां शर्मा ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने
राहुल गांधी के ‘तपस्या’ वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए लिखा, “आपकी सिर्फ तपस्या में ही नहीं AI जनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रवक्ता बुनियादी जांच करेगा लेकिन उन्होंने काल्पनिक पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेजों को सर्कुलेट करना चुना. अब इस मामले का निपटारा अदालत में होगा.
सवाल-जवाब
पवन खेड़ा के खिलाफ मुख्यमंत्री क्या कार्रवाई कर रहे हैं?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा पर आपराधिक और नागरिक मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे.
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के दस्तावेजों को ‘फर्जी’ क्यों बताया?
दस्तावेजों में नाम की गलत स्पेलिंग (Egyptiann), गलत सरनेम (Sarma) और अमान्य क्यूआर कोड जैसी कई तकनीकी खामियां पाई गई हैं, जो डिजिटल हेरफेर की ओर इशारा करती हैं.
असम चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री का क्या दावा है?
सीएम सरमा ने विश्वास जताया है कि असम की जनता इस प्रोपेगेंडा से गुमराह नहीं होगी और वे 100 से ज्यादा सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल करेंगे.
असम की राजनीति में ‘डिजिटल वॉर’ और कानूनी पेच
असम चुनाव के इस मोड़ पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का यह आक्रामक रुख कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
· विश्वसनीयता: मुख्यमंत्री ने केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं की बल्कि दस्तावेजों की तकनीकी खामियों (जैसे MRZ कोड और सीक्वेंस नंबर) को सामने रखकर ‘फैक्ट-चेक’ के जरिए कांग्रेस को बैकफुट पर धकेला है.
· कानूनी जवाबदेही: मानहानि के मुकदमे की चेतावनी और ‘जेल जाने’ की बात यह दर्शाती है कि बीजेपी इस मुद्दे को केवल चुनावी सभाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती बल्कि इसे कानूनी अंजाम तक ले जाना चाहती है.
· प्रोपेगेंडा बनाम गवर्नेंस: मुख्यमंत्री का यह संदेश स्पष्ट है कि जब वे चुनावी मैदान में 100+ सीटों का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं तब कांग्रेस ‘निजी हमलों’ और ‘डिजिटल हेरफेर’ का सहारा ले रही है जो उसकी हताशा को दर्शाता है.
· AI और डीपफेक का दौर: यह मामला भारतीय राजनीति में AI और फोटोशॉपिंग के जरिए फैलाए जाने वाले ‘डिसइन्फॉर्मेशन’ (गलत सूचना) के खतरों को भी उजागर करता है जिस पर चुनाव आयोग की भी नजर बनी रहेगी.





