हरियाणा राज्यसभा चुनावः कांग्रेस से ‘गद्दारी’ करने वाले 5 विधायकों के निलंबन की सिफारिश

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Haryana Rajya Sabha Chunav: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पिछले महीने राज्यसभा चुनाव में कथित तौर पर क्रॉस-वोटिंग करने वाले पार्टी के पांच विधायकों को निलंबित करने की सिफारिश की है. हालांकि, कांग्रेस अभी तुंरत कार्यवाही करने से गुरेज कर रही है.

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हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने एक एक सीट पर विजय हासिल की थी.

चंडीगढ़. हरियाणा कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पिछले महीने राज्यसभा चुनाव में कथित तौर पर क्रॉस-वोटिंग करने वाले पार्टी के पांच विधायकों को निलंबित करने की सिफारिश की है. पांच विधायकों को कांग्रेस अध्यक्ष राव दान सिंह ने गद्दार कहा था.

शुक्रवार शाम को समिति की बैठक के बाद अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने बताया कि डीएसी एक रिपोर्ट तैयार करेगी और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में पार्टी के पांच विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व को अपना फैसला बताएगी.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रविवार को समिति ने विधायकों द्वारा कारण बताओ नोटिस पर दी गई प्रतिक्रियाओं की जांच के बाद उन्हें निलंबित करने की सिफारिश की है. इससे पहले कांग्रेस ने हरियाणा के पांच विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया था. कारण बताओ नोटिस इसलिए जारी किया गया था क्योंकि उन्होंने कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में वोट नहीं देकर दल-विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया था.

हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को हुआ था. भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय सतीश नांदल के खिलाफ कड़े मुकाबले में दूसरी सीट हासिल की. पांच कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग ने पार्टी की आसान जीत को चुनौतीपूर्ण बना दिया.

रविवार को फोन पर संपर्क करने पर धर्मपाल मलिक ने डीएसी की सिफारिशों के बारे में विस्तार से बताए बिना कहा कि हमने अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पार्टी के प्रभारी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद और वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल को भेज दी है. मलिक ने बताया कि हमने स्थिति को साफ कर दिया है और शुरू से अंत तक की सभी बातें विस्तार से दी हैं. हमने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया है, अब पांच विधायकों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, इसका फैसला पार्टी करेगी. इससे पहले सिर्फ चौधरी, बाला और जरनैल सिंह ने ही कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया था. हाल ही में कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जो पार्टी विधायकों के मतपत्रों की जांच के लिए अधिकृत एजेंट थे, उन्होंने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के आरोपी पांच विधायकों को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.

कौन हैं वो पांच विधायकों, जिन्होंने किया था क्रॉस वोट

मतगणना के दौरान कांग्रेस के चार वोट भी अमान्य घोषित हो गए. पार्टी के पांच विधायकों – नारायणगढ़ से शैली चौधरी, साढौरा से रेनू बाला, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास, हथीन से मोहम्मद इसराइल और रतिया से जरनैल सिंह – पर पार्टी लाइन का उल्लंघन करने का शक था. शैली चौधरी, रेनू बाला और जरनैल सिंह ने बाद में आरोपों का खंडन किया और कहा कि उनके नामों को बेवजह विवाद में घसीटा जा रहा है, उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के लिए ही वोट दिया था.

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Vinod Kumar Katwal

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें



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