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India UNSC Permanent Membership: ईरान जंग ने एक बार फिर से दुनिया को UN में सुधार पर गंभीरता से विचार करने पर मजबूर कर दिया है. भारत जैसा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश यदि किसी ग्लोबल सिस्टम के निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था से बाहर हो तो उसकी सफलता की गारंटी हमेशा ही सवालों के घेरे में रहेगा. होर्मुज स्ट्रेट के बाधित होने से सामने आए एनर्जी क्राइसिस और पश्चिम एशिया में एकतरफा सैन्य कार्रवाई से निपटने में संयुक्त राष्ट्र पूरी तरह से विफल रहा है. ऐसे में भारत ने एक बार फिर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अविलंब सुधार की पुरजोर वकालत की है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने G-7 के मंच से दुनिया को एक बार फिर इसकी गंभीरता से अवगत कराया है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने G7 की बैठक में UNSC में भारत की स्थाई सदस्यता की वकालत करते हुए सुरक्षा परिषद में सुधार का मुद्दा उठाया है. (फाइल फोटो/PTI)
India UNSC Permanent Membership: ईरान में चल रहे युद्ध ने तमाम मिथकों को तोड़ने के साथ ही UN की कमजोरियों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में वेस्ट एशिया में अस्थिरता लाने वालों के खिलाफ एक मुकम्मल निंदा प्रस्ताव तक पारित नहीं किया जा सका. इस बात पर भी विचार नहीं किया गया कि एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ एकतरफा सैन्य कार्रवाई कहां तक उचित है. इसके अलावा ग्लोबल पीस के लिए जिम्मेदार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद होर्मुज स्ट्रेट जैसे समुद्री मार्ग को भी बाधित होने से नहीं बचा सका. ईरान जंग की वजह से पूरी दुनिया में इन दिनों उथल-पुथल की स्थिति है. होर्मुज जलडमरूमध्य की समस्याओं ने इस तनाव को ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस में तब्दील कर दिया है. जिन देशों का इस टकराव से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति बाधित होने की वजह से कई देशों में आपात स्थिति पैदा हो गई है. इतना सबकुछ हो रहा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और निर्णय लेने वाली इसकी सर्वोच्च संस्था UNSC मूकदर्शक बना हुआ है. दुनिया अमेरिका, इजरायल और ईरान के ट्राएंगल में बुरी तरह से फंस गई है. एक तरह से ईरान जंग की बंधक बन चुकी है. ऐसे हालात में भारत ने एक बार फिर से UNSC में तत्काल सुधार की बात कही है. फ्रांस में इन दिनों G-7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं. G-7 के मंच से जयशंकर ने UNSC में रिफॉर्म करने पर जोर दिया है. भारत लंबे समय से UNSC की स्थाई सदस्यता हासिल करने का दावा पेश करता आ रहा है. हालांकि, भारत के इस प्रयास को चीन पलीता लगाता रहा है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें





