‘होर्मुज से निकले जहाज’, ईरान जंग में भी सेफ है भारत की गैस सप्लाई, 94000 MT एलपीजी लेकर आ रहे दो बड़े कैरियर

Date:


होमताजा खबरदेश

जंग में भी सेफ है भारत की गैस सप्लाई, 94000 MT एलपीजी लेकर आ रहे दो बड़े जहाज

Last Updated:

पश्चिमी एशिया संकट के बीच दो कार्गो BW TYR और BW ELM एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं, जबकि जग वसंत वडीनार पहुंचकर एलपीजी कांडला, मुंबई और मंगलुरु भेज रहा है. ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग से होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट बढ़ता जा रहा है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

एलपीजी से लदे दो कार्गो जहाज भारत की तरफ बढ़ चले हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. वेस्ट एशिया महायुद्ध के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत वाली खबर आई है. देश में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं होगी. 94 हजार एमटी (MT) एलपीजी कार्गो से लदे दो बड़े जहाज भारत आ रहे हैं. इन जहाजों के नाम बीडब्ल्यू टीवाईआर (BW TYR) और बीडब्ल्यू ईएलएम (BW ELM) हैं. ये दोनों एलपीजी कैरियर युद्ध वाले खतरनाक क्षेत्र से बिल्कुल सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं. अब ये तेजी से भारतीय तटों की तरफ बढ़ रहे हैं. बीडब्ल्यू टीवाईआर जहाज 31 मार्च 2026 को मुंबई बंदरगाह पर पहुंच जाएगा. वहीं दूसरा जहाज बीडब्ल्यू ईएलएम 1 अप्रैल 2026 को न्यू मैंगलोर पहुंचेगा. इससे देश में गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह मजबूत बनी रहेगी.

लोगों को बिल्कुल भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है. सरकार हर स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है. ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल के युद्ध के कारण इस जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग लगभग पूरी तरह से रुक गई है, लेकिन ईरान ने कई मौकों पर कहा है कि ‘जो जहाज़ दुश्मन देश के नहीं हैं’, वे इस जलमार्ग से गुज़र सकते हैं, बशर्ते वे ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें.

एलपीजी लेकर ‘जग वसंत’ जहाज गुजरात के वडीनार बंदरगाह पहुंचा
दो दिन पहले ही 27 मार्च को भारतीय ध्वज वाला पोत ‘जग वसंत’ 47,000 टन एलपीजी लेकर गुजरात के जामनगर स्थित वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा है. दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण के एक बयान के अनुसार, कुवैत के मीना अल अहमदी बंदरगाह से सामान लेकर एमटी जग वसंत शुक्रवार रात 8:30 बजे वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा. यह बंदरगाह दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण के अंतर्गत आता है.

बयान में कहा गया है कि बंदरगाह पर पहुंचने के बाद पोत से पोत में एलपीजी का स्थानांतरण किया जा रहा है. बंदरगाह के एक अधिकारी ने बताया, “230 मीटर लंबा यह पोत वर्तमान में 17,600 टन एलपीजी को अपने सहायक पोत एमटी रोज गैस में स्थानांतरित कर रहा है, जिसमें लगभग 15 घंटे लगने की उम्मीद है. स्थानांतरण के बाद, सहायक पोत आगे एलपीजी उतारने के लिए कांडला के लिए रवाना होगा.” अधिकारी ने बताया कि मुख्य पोत ‘जग वसंत’ पर लदे 20,000 टन माल को मुंबई में और लगभग 9,000 टन माल को बाद में मंगलुरु में उतारा जाएगा.

सभी भारतीय जहाज होर्मुज से निकल रहे
भारत धीरे-धीरे अपने फंसे हुए LPG कार्गो को जलडमरूमध्य से बाहर निकाल रहा है; इससे पहले अब तक चार LPG टैंकर – शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत – वहां से निकल चुके हैं. केंद्र सरकार के शिपिंग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि 27 मार्च तक, पांच LPG कैरियर सहित 20 भारतीय झंडे वाले जहाज़ खाड़ी में फंसे हुए थे. LSEG के डेटा के अनुसार, LPG कैरियर जग विक्रम, ग्रीन आशा और ग्रीन संवी अभी भी होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं. दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश भारत, दशकों के अपने सबसे बड़े गैस संकट का सामना कर रहा है; इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने उद्योगों को होने वाली गैस की आपूर्ति में कटौती कर दी है, ताकि आम घरों में खाना पकाने वाली गैस की कोई कमी न हो.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related