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India Oil-LPG New Supplier: मिडिल ईस्ट संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, लेकिन भारत सरकार और तेल कंपनियां त्वरित कूटनीतिक और वाणिज्यिक कदम उठाकर देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रही हैं. होर्मुज स्ट्रेट कॉरिडोर में बाधा आने के बाद हर देश विकल्प तलाशने के लिए मजबूर हो गया है.
ईरान जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट के बाधित होने के बाद अब भारत नए तेल और गैस निर्यातक देशों के साथ डील करना शुरू कर दिया है. (फाइल फोटो/Reuters)
28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार को झकझोर दिया है. ईरान द्वारा Strait of Hormuz में टैंकर आवाजाही रोकने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और सप्लाई चेन प्रभावित हुईं. यह जलडमरूमध्य दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20-25 प्रतिशत वहन करता है और भारत के लिए भी बेहद अहम है, क्योंकि देश की कुल तेल जरूरत का करीब 40 प्रतिशत इसी रास्ते से आता है. स्थिति को संभालने के लिए अमेरिका ने 6 मार्च को भारत को सीमित राहत देते हुए 30 दिन के लिए पहले से लोड किए गए रूसी तेल को खरीदने की अनुमति दी. ‘NDTV’ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अप्रैल 2026 डिलीवरी के लिए रूस से लगभग 6 करोड़ बैरल तेल खरीद लिया है. इसी तरह, 20 मार्च तक जहाजों में लदे ईरानी तेल की खरीद पर भी अस्थायी छूट दी गई है, जिसे 19 अप्रैल तक उतारना होगा.
तेल या गैस की कोई कमी नहीं
सरकार ने हालांकि साफ किया है कि देश में फिलहाल ईंधन या गैस की कोई कमी नहीं है. पेट्रोलियम राज्य मंत्री Suresh Gopi ने संसद में बताया कि भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) में करीब 33.72 लाख टन कच्चा तेल मौजूद है, जो कुल क्षमता का लगभग दो-तिहाई है. इसके अलावा, तेल विपणन कंपनियों के स्टॉक सहित देश के पास कुल 74 दिनों की ईंधन आपूर्ति उपलब्ध है. ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार के भरोसे को दोहराते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अपने ऊर्जा आयात स्रोतों का व्यापक विविधीकरण किया है. पहले जहां भारत 27 देशों से तेल आयात करता था, अब यह संख्या बढ़कर 41 हो गई है.
LPG पर क्या बोली सरकार
एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने आश्वासन दिया है. देश के 33 करोड़ से अधिक परिवारों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली रसोई गैस की मांग को देखते हुए घरेलू उत्पादन में 25 प्रतिशत वृद्धि का आदेश दिया गया है. सरकार ने लोगों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील भी की है. यह बयान उन खबरों के बाद आया था, जिनमें वाणिज्यिक एलपीजी की कमी के कारण कुछ होटल और रेस्तरां बंद होने की बात कही गई थी. ऊर्जा बाजार विश्लेषण करने वाली संस्था Kpler के अनुसार, हालिया छूट से एक महीने के भीतर करीब 50 लाख बैरल प्रतिदिन की अतिरिक्त आपूर्ति बाजार में आ सकती है, लेकिन यह पश्चिम एशिया में जारी व्यवधानों की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं होगी. संस्था ने चेतावनी दी है कि भुगतान संबंधी दिक्कतों और “शैडो फ्लीट” के जोखिम के कारण आपूर्ति सामान्य होने में समय लग सकता है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें





