Last Updated:
Strait of Hormuz: ईरान पर हमला करने से पहले अमेरिका और इजरायल ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि इसकी इतनी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को इस कदर खतरनाक बना दिया है कि वहां से अब कोई गुजरना नहीं चाहता है. होर्मुज में एंटर करते ही रेडियो संदेश गूंजने लगता है, जिसमें स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी जाती है.
ईरान ने एनर्जी कॉरिडोर होर्मुज जलडमरूमध्य को मौत का कुआं बना दिया है. इलाके में GPS जाम होने की वजह से जहाज का लोकेशन और रूट-मैप का पता लगा पाना असंभव हो गया है. (फाइल फोटो/Reuters)
पश्चिम एशिया के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग Strait of Hormuz से गुजर रहे भारतीय जहाज इन दिनों गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. GPS सिस्टम में व्यवधान, समुद्र में बारूदी सुरंगों (माइंस) की आशंका और स्पष्ट नेविगेशन अथॉरिटी के अभाव ने हालात को बेहद जटिल और जोखिमपूर्ण बना दिया है. इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को लगातार रेडियो संदेशों के जरिए चेतावनी दी जा रही है. समुद्री चैनलों पर प्रसारित इन संदेशों में कथित तौर पर Islamic Revolutionary Guard Corps Navy (IRGC नेवी) की ओर से कहा जा रहा है कि ‘होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना प्रतिबंधित है और अगली सूचना तक किसी जहाज को अनुमति नहीं दी जाएगी.’ इन चेतावनियों ने जहाजों के कप्तानों और क्रू में असमंजस और भय की स्थिति पैदा कर दी है.
बेहद खतरनाक स्थिति
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज के एक कैप्टन ने बताया कि GPS जैमिंग के कारण जहाजों की सटीक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो गया है. 28 वर्षों के अनुभव वाले मास्टर मरीनर कैप्टन मनीष कुमार (जो फिलहाल एक केमिकल टैंकर के साथ सुरक्षित मार्ग की प्रतीक्षा कर रहे हैं) ने बताया कि GPS के बिना नेविगेशन बेहद कठिन हो गया है. अगर जहाज की स्थिति का सही अनुमान नहीं लगा, तो टकराव या जहाज के फंसने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि इतने संकरे समुद्री मार्ग में यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है. स्थिति को और गंभीर बनाती हैं समुद्र में संभावित माइंस की मौजूदगी. ये विस्फोटक उपकरण जहाज के संपर्क या नजदीकी से सक्रिय हो सकते हैं. जहाजों को फिलहाल सीमित और चिन्हित मार्गों के नक्शे दिए जा रहे हैं, जिनमें प्रवेश और निकास के लिए विशेष कॉरिडोर तय किए गए हैं. हालांकि, इन मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है.
तेल और गैस टैंकर के लिए गंभीर चुनौती
होर्मुज से गुजरने वाले अधिकांश जहाज तेल और केमिकल टैंकर होते हैं, जिनमें ज्वलनशील सामग्री होती है. ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़े विस्फोट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. मौजूदा हालात में एक छोटी चूक भी बड़े संकट का कारण बन सकती है. शिपिंग कंपनियों ने जहाजों को रोजाना कॉनफ्लिक्ट इंटेलिजेंस ब्रीफ भेजना शुरू कर दिया है. इनमें सैन्य गतिविधियों, समुद्री घटनाओं, हवाई क्षेत्र की बंदिशों और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े अपडेट शामिल होते हैं. 25 मार्च की एक रिपोर्ट में जहाजों को ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतने की सलाह दी गई है, जिसमें GPS इंटरफेरेंस और संभावित माइंस की चेतावनी दी गई है.
हालात ‘क्रिटिकल’
अमेरिकी नेतृत्व वाले Joint Maritime Information Center ने 24 मार्च को क्षेत्र में समुद्री खतरे का स्तर क्रिटिकल घोषित किया. रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च से अब तक 21 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें नेविगेशन में बाधा और सुरक्षा जोखिम शामिल हैं. इन खतरों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है. जहां पहले प्रतिदिन औसतन 138 जहाज गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर एकल अंक में सिमट गई है. मौजूदा हालात वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं.
About the Author

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें





