रामनवमी पर जहां देशभर में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना होती है, वहीं बीकानेर में एक अनूठी परंपरा इस पर्व को खास बना देती है. शहर के तेलीवाड़ा चौक स्थित रघुनाथ मंदिर में पिछले 113 वर्षों से भगवान श्रीराम की जन्मकुंडली का वाचन किया जा रहा है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होकर इस अद्भुत परंपरा के साक्षी बनते हैं. खास बात यह है कि यह कुंडली पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही परिवार द्वारा पढ़ी जा रही है, जिसकी शुरुआत ज्योतिषाचार्य पंडित शिवरतन रंगा ने की थी. आज भी उसी विधि-विधान और आस्था के साथ इसका वाचन किया जाता है. यह परंपरा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा बन चुकी है, जो आस्था और विरासत का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है.





