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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनने से सहारनपुर के लगभग 50 गांव के लोगों को इसका सीधा फायदा होने वाला है. किसान के साथ-साथ व्यापार और नौकरी करने वाले लोग भी अब दिल्ली और देहरादून आसानी से जॉब कर अपडाउन आसानी से कर पाएंगे.
सहारनपुर: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जिसको दिल्ली से देहरादून की दूरी को कम करने के लिए बनाया गया है. इसका उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को करेंगे. वहीं सहारनपुर में यह एक्सप्रेसवे लगभग 73 किलोमीटर का है, जिससे सहारनपुर के लगभग 50 गांव को इसका सीधा फायदा मिलने वाला है. इससे सहारनपुर के लोग देहरादून या फिर दिल्ली अपना व्यापार आसानी से कर पाएंगे.
आने-जाने में लगता था पूरा दिन
पहले लोगों को दिल्ली में व्यापार करने के लिए आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. जाने में 5 से 6 घंटे लगते थे, जबकि लौटने में भी इतना ही समय लगता था. यानी व्यक्ति का पूरा दिन सफर में ही निकल जाता था. इस कारण दिल्ली जाने के लिए दो दिन का समय लग जाता था. लेकिन अब एक्सप्रेसवे बनने के बाद, अगर किसी को व्यापार के लिए दिल्ली जाना होगा, तो वह ढाई घंटे में दिल्ली पहुंचकर अपना काम निपटा कर शाम तक वापस घर लौट सकेगा. सहारनपुर के ज्यादातर किसान दिल्ली की गाज़ीपुर मंडी में अपने उत्पाद बेचने जाते हैं, उनके लिए भी व्यापार करना बेहद आसान हो जाएगा.
देहरादून में व्यापार और नौकरी करना भी होगा आसान
अगर देहरादून की बात करें, तो पहले वहां जाने के लिए लोगों को जाम की चिंता रहती थी, लेकिन अब इससे राहत मिल जाएगी. पहले जाम की स्थिति में सहारनपुर से देहरादून पहुंचने में 2 से ढाई घंटे लग जाते थे, जबकि अब एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय की जा सकेगी. इस सफर में न तो जाम की समस्या होगी और न ही किसी प्रकार की रुकावट.
इससे किसान भी आसानी से देहरादून में अपनी सब्जियां और फल बेच सकेंगे. वहीं नौकरी करने वाले लोग डेली अप-डाउन कर सकेंगे. इसके अलावा पढ़ाई करने वाले छात्र भी अब देहरादून आना-जाना कर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे. उन्हें अब वहां पीजी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यह एक्सप्रेसवे सहारनपुर के 50 से अधिक गांवों से होकर गुजर रहा है, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.
पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जाएगा और इसे पूरी तरह से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे का निर्माण वर्ष 2021 में शुरू हुआ था और इसकी लागत 12,000 करोड़ रुपये से अधिक है. इसके ऊपर 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वन्यजीव गलियारा भी बनाया गया है, जो इसे और खास बनाता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें





