आइटम बम का धमाका-Itom Bomb ka Dhamak

Date:

Character :- 1boy, 2wife, 3 hasband, 4 baba, 5 Dukandar

प्रशांत मिश्रा

डिगंरदास बैठ कर अख़बार पढ़ रहा हैतभी उसकेकानो मेंबच्चेकेचचल्लानेकी आवाज़ आती हैजिसको सुनकर
उसको गुस्सा आता है


चटनी:-(चचल्लाकर) मम्मी पटाखा मम्मी पटाका मम्मी पटाखा
प्रेमलता:- चुप कर चटनी।
{िींगरदास गुस्से मेंउठता हैऔर चटनी को िाकर चपत ही चपत बिाता हैजिससे चटनी तेि
रोने लगती है।}
िी ंगरदास:- नालायक शमम नहीं आत हैबबल्कुल कतई बबगड़ गया बेशमम मम्मी को पटाखा बोलता
है।
(अब मम्मी भड़क िाती है)
प्रेमलता:- अरे ननलमज्ि बुद्चिहीन आदमी ये क्या ककया?
िीगंरदास:- देख नहीं रही हो, मम्मी पर ही गलत निर िाल रहा नालायक| िरूर तुम्हारा ही
बबगाड़ा हुआ हैहवसी हो रहा हैहवसी
प्रेमलता:- बच्चा पटाखे की जिद कर रहा है। कल ददवाली हैमूखामनंद िी महाराि!
िीगंरदास:- (चचल्लाकर) अरे ऐसे कै सेजिद कर रहा हैबेद्दीन तेरी टााँगे……..(पजनन बीच मेंही
बोल िाती है)
प्रेमलता:- टााँगे बहुत तोड़ रहे हो आि कल लगता हैतुमको मशाला देना ही पड़ेगा
िीगंरदास:- (िरकर) अरे नहीं पननी िी मेरी पूरी बात तो सुनो। मैंतो ये कह रहा था कक मुझे
तेरी टांगे दबानी है।
प्रेमलता:- अच्छा ! मेरी टांगे दबाने से काम नहीं चल रहा आपका िो इसकी और दवानी है।
िीगंरदास:- (बेइज्िती महसूस करते हुए) अरे नहीं वाइफ िी!….
[तभी झटींगरदास आ िाता है]
झटीगंरदास:- अरे बहुरानी यूके बवाल मचा रखा है।
प्रेमलता:- कुछ नहीं बच्चा पटाखे की जिद कर रहा हैतो आप के पुत्र महाराि से सहन नहीं हो
रहा है।
झटींगरदास:- अरे आग लगे ऐसे पटाखों को एक बार भरी िवानी में पपछवाड़ा टूट गया था। अब
तक बुढ़ापे मेंभी ददम करता है।
प्रेमलता:- तुम दोनों बाप बेटन की तो कफिा ही खराब है। (चचल्लाकर िींगरदास से) चलो ददवाली
की शॉपपंग करा कर लाओ।

{चटनी, प्रेमलता और िींगरदास पटाखो की दकु ान पर पहुाँच गये}
दकु ानदार:- का चादहऐ चच्ची
(प्रेमलता गुस्से मेंआती है)
प्रेमलता:- ए ए तमीि से बात करो इज्ित से
दकु ानदार:- ओके का चादहए श्रीमती चच्ची िी!
(प्रेमलता ज्यादा गुस्से में)
प्रेमलता:- ( चचल्ला कर) शमम नहीं आती। बेटी की उम्र की औरत को चच्ची बोलते हो| इससेतो
दादी बोलदो दादी/
दकु ानदार:- अरे अरे आप तो बुरा मान गई। अच्छा लो “का चादहए दादी िी”
िींगरदास:- बस अब तो पड़ गई ठंिक कलेिे को
प्रेमलता:- (चचल्लाकर) तुम चुप रहो, मूखामनंद िी महाराि वरना कान पर मार कर सर फोड़ दंगू ी।
दकु ानदार:- कान पर मार कर सर कै से फोड़ते हैंदादी िी
िीगरदास:- (दबी हुई आवाि में) अब दो िबाब उसको
प्रेमलता:- (चचल्लाकर) अरे कान पर मारेगें खुपडड़या िा के ददबार मेंलगेगी समझे/
िीगरदास:- िी समझ गया
दकु ानदार:- मुबारक हो भाई साहब बड़ी ही खटरनाक टाइप की बीवी ममली हैआपको
िीगरदास:- तो आप रख मलजिये कुछ ददनो के मलऐ
{प्रेमलता को बहुत बुरा लगा}
प्रेमलता:- देखो हम बोल रही हूं, अब के बताएंगेनहीं, सीिा मार ही देंगे। हम बीवी हैतुम्हारी
कोई नमक का कट्टा नहीं, िो कोई भी रख लेगा।
दकु ानदार:- हां तो बताओ का चादहए बोनी ही खराब कर दी।
प्रेमलता:- चटनी बोल काह चादहए
चटनी:- हमको वो अनार……….
दकु ानदार:- बड़ा पवचचत्र लड़का है। अरे अनार यहां नही ममलते| यह फलों की दकु ान नही है।
पटाखों की दकु ान है। स्कूल के पीछे पड़े हो
चटनी:- हम बोल रहे हैंअनार बम्ब पूरा सुना करो। कान खुला रखा करो। वरना नतल्ली िलाके
दकु ान मेंिाल देंगे। पूरी दकु ान िड़ाक से उड़ िाएगी। िमाके के साथ।
दकु ानदार:- बड़ा शैतान लड़का है, मां पर गया है ये ले अनार बम्ब

{िीगर, चटनी और प्रेमलता घर पहुाँच गये}
झटींगरदास:- कराए शॉपपंग अरे अरे ये का हैलंबी चोच का ये कै सा पटाका है
चटनी:- ये पटाका नहीं है। दद्दूयह राके ट है।

झटींगरदास:- अच्छा राकट ! हमारे िमाने मेंऐसे बंब कहां थे। हमने तो हथोड़े मेंगंिक पोटाश
भरकर पटकाई है।अब तक। पर तननक बेटा कररश्मा तो ददखाओ इसका कै से फटता हैये
{चटनी राके श छोड़ती हैऔर झटींगरदास की लूंगी में राके ट फंस िाता है। वह राके ट के साथ
उड़ता हैऔर कफर नीचेचगरता है। (लेककन आसमान मेंनकम का दरवािा और यमराि ददख िाते
हैंउस को)}
झटीगरदास :- (नीचे पड़े हुए) अरे ये का हो रहा है, हमरे साथ लगता है। आि अंनतम ददवाली है
हमरे िीवन की।
प्रेमलता:- अरे ढक्कन हो का। ये का ककया दद्दूको चगराया पगला गए हो का
चटनी:- का हम पगला गए हैं। अरे दद्दूखुद कररश्मा देखना चाहते थे।
झटीगरदास:- अरे मुझे लगा कक यह नीचे ही फाँ टेगा। कररश्मा छोड़ो साक्षात यमराि ददख गये
मुझे।
प्रेमलता:- चलो राके ट को रहने दो दद्दूको पटाखा छोड़कर ददखाओ िरा
िीगरदास:- अरे लेककन घर मेंपटाखे कै से छोड़ेंगे?
प्रेमलता:- अगर ददन मेंतीन बार मसाला ना ममले तो तुम्हारा ददमाग ठीक से काम नहीं करता।
अरे पटाका रखेंगेऔर बत्ती मेंआग लगा देंगे।
िीगरदास:- लेककन घर मेंकोई नुकसान हो गया तो वाइफ िी महारानी।
प्रेमलता:- िब ददमाग नहीं हैतो मेरे से ट्यूशन क्यों नहीं लगा लेते? मूखानं म द िी महाराि देखो,
मैंक्या करती हूं।
{प्रेमलता अब एक पतीला लाती हैऔर पटाके के ऊपर रख देती हैं।}
प्रेमलता:- अब छोड़ो पटाखा अब देखो मेरे ददमाग का कमाल
{चटनी पटाखे मेंआग लगा देती हैऔर पटाखा फाँ टता हैऔर पतीला प्रेमलता के मुंह पर िाकर
लगता हैपतीला मुंह पर लगने से चारों ओर सन्नाटा (शांनत) छा िाती है।}
िीगरदास:- वाह ! क्या ददमाग है, वास्तव मेंकमाल है।
{सुनकर प्रेमलता को बहुत तेि गुस्सा आ िाता हैस्कीन पर अंिेरा ददखाई देने लगता हैऔर
लात घुसो की आवाि आती है। अब देखते हैंकक िीगरदास टूटी-फूटी हालत मेंउल्टा पड़ा हुआ
है।}

The End Happy Diwali

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