डाकू बिल्ला भाई|(Dakun bill Bhai)

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1- डाकू बिल्ला भाई
2- नोकर 1- तेजा (तोतला होता है) 2- गोटिया (दो नोकर ऐसे ही खड़े है) टोटल चार नोकर होते है।
3- किडनैप : भोला प्रसाद
4- पत्नी : शीला देवी

तेजा: अपने ठिय होता है और एक आदमी को किडनैप कर लेता है, उसे थप्पड़ मार रहा होता है। 

तेजा – थप्पड़… थप्पड़…. दो थप्पड़ मारता है

भोला प्रसाद रो रहा होता है, और कहता है।

भोला प्रसाद – मत मारो…मुझे जाने दो भैया।

तेजा – (थप्पड़…) ऐसे कैसे जाने दे तुझे।

भोला प्रसाद : मत मारो मुझे, बाज़ार जाना है, पत्नी के लिए गोल गप्पे लाना है। मेरी पत्नी गोल गप्पे का इंतजार कर रही होगी।

तेजा : (थप्पड़) (भोला प्रसाद से कहता है) यहां 5 महीने से ठलुए पड़े है, एक फूटी कौड़ी नहीं है जेब में, और तुझे गोल गप्पे की पड़ी है।
(उपर मुंडी कर के कहता है) आज बिल्ला भाई खुश हो जाएंगे, बहुत दिनों बाद एक मुर्गा हत्ते आया है।

भोला प्रसाद : मुझे जाने दो… मुझे बाज़ार जाना है।

तेजा : अरे ढक्कन…चुपचाप बैठ। ये बता तुझपे कितने पैसे है..?

भोला प्रसाद : मेरे पास 10 रुपए है भैया।

तेजा : हट…तेरी…. यार कतई कुल्लड़ आदमी है, साला जेब में 10 रुपए लेके कौन चलता है।

भोला प्रसाद : हम…

तेजा : चुप भिखारी की औलाद, अब यार में बिल्ला भाई से क्या कहूंगा की इस पर 10 रुपए ही है।

भोला प्रसाद : पिल्ला भाई, ये कौन है? तुम पिल्ले को भाई क्यूं के रहे हो, कुत्ते का पिल्ला है क्या?

तेजा : (थप्पड़) अरे वो कुत्तों का पिल्ला नहीं है। वो हमारे बॉस है डाकू बिल्ला भाई, हम उनसे मोहब्बत में बिल्ला भाई कहते है।

भोला प्रसाद : अच्छा तो तुम्हरे बॉस का नाम पिल्ला भाई है (तेजा घूर के देखता है) मेरा मतलब तुम्हरे बॉस का नाम बिल्ला भाई है।

तेजा : हं…रुक तू में बिल्ला भाई को फोन करता हुए, खुशखबरी देता हूं।

तेजा बिल्ला भाई को फोन करता है। फनी रिंगटोन बजती है, बिल्ला गोटिया के साथ होते है।

बिल्ला भाई : हैं लल्ला बोल…कैसे याद किया।

तेजा : हेल्लो पिल्ला भाई… मेरा मतलब बिल्ला भाई। एक खुशखबरी है।

बिल्ला भाई : साले पिल्ला बोलता है, आके ऐसा चांटा मारूंगा 10 दिन तक हफ्ते रहोगे।

तेजा : सॉरी बिल्ला भाई।

बिल्ला भाई : बता क्या खुशखबरी है?

तेजा : भाई आज मैने एक मुर्गा पकड़ा है, मोटी रकम हाथ लगेगी। भाई तुम जल्दी आओ इसके फिरौती के पैसे मांगने है।

बिल्ला भाई : ठीक है में आता हूं। तू कस के पकड़ के रख साले को, पाद भी ना निकले।

तेजा फोन रख देता है और भोला के साथ से बात करने लगता है।

तेजा :अबे ढक्कन…तेरा नाम क्या है बता..?

भोला प्रसाद : मेरा नाम भोला प्रसाद है।

तेजा : चल तेरी… तू काम क्या करता है?

भोला प्रसाद : मेरा काम है… चूना लगाना।

तेजा : अबे तू तो इतना भोला है, तू कैसे चूना लगा सकता है।

भोला प्रसाद : अरे मेरा मतलब… मेरी पान कि दुकान है।

तेजा : (थप्पड़) ससुर के… तो ऐसा बोल ना, बातें घुमा रहा है।

इतना बोलने के बाद तेजा अपनी मुंडी घूमता है और कहता है…

तेजा : आ गए… बिल्ला भाई आ गए। (इतना बोलने प्र कैमरा एंगल तेजा पर ही होता है)

बिल्ला भाई अंदर आते है और तेजा + भोला प्रसाद के सामने खड़े हो जाते है।

(उस टाइम पर कैमरा एंगल भोला प्रसाद का होता है) और भोला प्रसाद कहता है…

भोला प्रसाद : ये पिल्ला भाई है… मेरा मतलब बिल्ला भाई।

(कैमरा एंगल बिल्ला भाई की तरफ होता है) बिल्ला भाई की एंट्री से पहले उनका नोकर2 गोटिया उनके आगे खड़ा होता है और बिल्ला भाई उसके पीछे खड़े होते है। बिल्ला भाई गुस्सा हो कर गोटया के थप्पड़ मारते है और गोटया बहुत दूर जा कर गिरता है…

बिल्ला भाई : हां…हम है बिल्ला भाई।

भोला प्रसाद : अच्छा तुम हो…

इसके बाद बिल्ला तेजा से कहता है…

बिल्ला भाई : तो ये मुर्गा है..?

तेजा : हां भाई।

बिल्ला भाई : इसका झड़ा लिया, कुछ निकला इसके पास..? रूप, गुठका या तमाखू।

तेजा : भाई इसके पास तो बस 10 रूप ही है।

बिल्ला भाई : (थप्पड़) अबे तू तो के रहा था कि मोटी रकम हाथ लगेगी, इसके पास तो 10 रुपए ही है। ये मोटी रकम है, इसमें तो रजनी गंधा भी नहीं आएगा।

तेजा : अरे भाई उसके पास पैसा नहीं है तो क्या हुआ.. इसकी पत्नी के पास तो होगा।

बिल्ला भाई : सही कह रहा है।

तेजा : भाई उसकी पत्नी को फोन लगाओ और इसके फिरौती के पैसे मांगो।

बिल्ला भाई : ए आइटम….

भोला प्रसाद : कौन आइटम कहां है आइटम…?

गोटिया : ए ढक्कन…भाई तुझको आइटम बोल रहे हैं।

बिल्ला भाई : चल अपनी पत्नी को फोन लगा, उसको बोल 2 खोखा लेकर जल्दी से आ।

भोला प्रसाद : भाई मेरा तो एक ही खो का है जिसमें मैं पान की दुकान चलाता हूं। भाई मेरी पत्नी इतना बड़ा धोखा लेकर आए अकेली कैसे आएगी…?

गोटिया : ए ढक्कन…(थप्पड़) भाई के दो खोखे का मतलब दो लाख रुपए है।

बिल्ला भाई : फोन कर और उसको बोल दो लाख रुपए लेकर जल्दी आए।

भोला प्रसाद पत्नी को कॉल करता है,सिंपल बेल बजती है।

भोला प्रसाद : भाई नंबर नहीं याद।

बिल्ला भाई : (थप्पड़) हमसे मजाक नहीं…लगा जल्दी कॉल।

भोला प्रसाद : हेलो…शीला

इतना बोलने के तुरंत बाद पत्नी अपनी बात सुनाना शुरू कर देती है….

शीला देवी :हां कहां रह गए, कहां जा कर मर गए, तुम्हारा इंतजार कर कर के मेरी आंत सुकड़ गई। कहां हो गोलगप्पे लेकर आ रहे हो या नहीं। जल्दी आओ मुझे गोलगप्पे की तलब लग रही है।

भोला प्रसाद : अरे यार… मेरी बात तो सुन (गुस्सा हो कर बोलता है) मुझे किसी बिल्ला भाई ने किडनैप कर लिया है!!

शीला देवी : बिल्ला भाई ने…

भोला प्रसाद : बिल्ला नहीं बिल्ला भाई, डाकू बिल्ला भाई ने मुझे किडनैप कर लिया है तुम जल्दी से ₹200000 लेकर आओ।

शीला देवी : बोल तो ऐसे रहे हो जैसे घर में नोटों के पेड़ लगा लगा कर ही ₹200000 ले आना है अरे कहां से लाऊंगी ₹200000 रुपए।

इतना बोलने के बाद बिल्ला भाई भोला प्रसाद से फोन छीन लेता है और पत्नी से बात करता है…

बिल्ला भाई : अगर अपने पति को जिंदा देखना चाहती हो तो ₹200000 लेकर पहाड़ी के पीछे आ जाओ।

इतना कहने के बाद बिल्ला भाई फोन काट देता है..

तेजा : बिल्ला भाई कल वाला हिसाब कर लो।

बिल्ला भाई : कौन सा हिसाब…?

तेजा : अरे भाई हिसाब जो मैं कल मोटर साइकिल का हैंडल चुरा कर लाया था।

गोटिया : भाई मेरा भी हिसाब मैं कल पानी की टंकी चुरा कर लाया था।

बिल्ला भाई : ठीक है बाद में करते हैं।

इतना बोलने के बाद पत्नी की एंट्री होती है। पत्नी गेट पर हाथ मारती है गेट पर खड़ा हुआ नौकर उड़ता हुआ बिल्ला भाई के ऊपर गिरता है। गेट उखड़ के नीचे गिर जाता है और पत्नी स्लो मोशन में अंदर आती है।

शीला देवी : कौन है पील्ला भाई??

शिवा के पूछने पर तेजा इशारा करते हुए कहता है…

तेजा : यह है पिल्ला भाई…मेरा मतलब बिल्ला भाई।

पत्नी बिल्ला भाई के पास आती है और राइट हैंड से की मुंडी पकड़कर कहती है…

शीला देवी : तो तू है डाकू पिल्ला भाई।

बिल्ला भाई : सुश्री पिल्ला पिल्ला चिल्ला रही है, तमीज से बोल वरना की टेटूआ दबा देंगे तेरे पति का।

शीला देवी : हां हां भाई, पिल्ला बिल्ला बात ही बात एक ही है। तो तेरी इतनी हिम्मत कि तुम मुझसे ₹200000 मांगे, ये ल…

इतना बोलने के बाद शीला बिल्ला को लेफ्ट हैंड से 2-3 घुसा मारती है और कहती है…

शीला देवी : और चाहिए…तो ये ले….(इतना बोलने के बाद शीला बिल्ला को ऊपर आसमान में फेंक देती है)

बिल्ला के सभी नौकर ऊपर देख रहे होते हैं जैसे ही नौकर शीला की तरफ देखते हैं उतने में ही सब गायब हो जाते हैं और उसके बाद शीला अपने पति के पास जाती है और कहती है…

शीला देवी : तुम्हारे चक्कर में मेरे गोलगप्पे मारे गए, तुम भी लो खुराक…

शीला अपने पति को बहुत मारती है

लेखक-प्रशांत मिश्रा

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