Automatic Fire Fighting Device: झारखंड के गोड्डा जिले के छात्रों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो भविष्य में फायर फाइटर की भूमिका निभाएगी. ECL सैफाली आईटीआई के इलेक्ट्रिक मैकेनिक ट्रेड के छात्रों ने एक सेंसर आधारित ऑटोमेटिक डिवाइस तैयार किया है. जो आग की आहट मिलते ही सक्रिय हो जाता है. प्रोजेक्ट की लीडर पूजा कुमारी के अनुसार यह डिवाइस उन इलाकों के लिए गेम-चेंजर है जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं. इसमें लगे सेंसर्स अत्यधिक गर्मी और आग की आंच को तुरंत पहचान लेते हैं. जैसे ही तापमान निर्धारित सीमा से ऊपर जाता है. सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के खुद-ब-खुद पानी की बौछार शुरू कर देता है. इस आविष्कार की सबसे बड़ी खूबी इसकी किफायती लागत है. छात्रों ने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि छोटे दुकानदार, किसान और ग्रामीण परिवार इसे अपने घरों या गोदामों में आसानी से इंस्टॉल कर सकें. यह इनोवेशन न केवल छात्रों की तकनीकी समझ को दर्शाता है, बल्कि आगजनी से होने वाले करोड़ों के नुकसान को रोकने की दिशा में एक सशक्त कदम है.


