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झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन छूटने के बाद उमा भारती के समर्थकों ने चैन पुलिंग कर ट्रेन रुकवा दी. ट्रेन करीब पांच मिनट तक खड़ी रही, जबकि उन्हें ए-1 कोच में सवार होना था लेकिन अंततः वह बी-1 कोच में चढ़ीं. रेलवे ने ट्रेन समय पर होने का दावा किया, वहीं उमा भारती ने अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए रेल मंत्री को ट्वीट कर शिकायत दर्ज कराई.
झांसी रेलवे स्टेशन पर उमा भारती
झांसी. झांसी रेलवे स्टेशन पर उस समय हलचल मच गई जब वरिष्ठ नेता उमा भारती के समर्थकों ने ट्रेन छूटने के बाद चैन पुलिंग कर उसे रुकवा दिया. बताया जा रहा है कि ट्रेन प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी, तभी समर्थकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चैन खींच दी, जिसके कारण ट्रेन करीब 5 मिनट तक खड़ी रही. इस घटना को लेकर रेलवे और उमा भारती के बीच बयानबाजी भी सामने आई है. जानकारी के अनुसार, उमा भारती को ए-1 (फर्स्ट एसी) कोच में सवार होना था. हालांकि जब तक ट्रेन रोकी गई, तब तक ए-1 कोच यार्ड की ओर आगे बढ़ चुका था. ऐसी स्थिति में उन्हें बी-1 कोच में सवार होना पड़ा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चैन पुलिंग होते ही स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई और तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया.
रेलवे ने कहा—ट्रेन समय पर थी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन निर्धारित समय पर रवाना हुई थी और इसमें किसी प्रकार की देरी या जल्दबाजी नहीं की गई. रेलवे का दावा है कि सभी यात्रियों को पहले से सूचना दी गई थी और ट्रेन संचालन सामान्य प्रक्रिया के अनुसार हुआ. अधिकारियों ने यह भी कहा कि बिना वजह चैन पुलिंग करना नियमों के खिलाफ है और इससे संचालन प्रभावित होता है.
उमा भारती ने लगाए अव्यवस्था के आरोप
दूसरी ओर उमा भारती ने रेलवे पर अव्यवस्था का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि ट्रेन पहले ही रवाना कर दी गई थी, जिससे उन्हें असुविधा हुई. उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याएं आम यात्रियों के साथ रोज होती हैं और खासकर महिलाएं, बुजुर्ग तथा दिव्यांग यात्रियों को इससे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है. उन्होंने इस घटना को यात्रियों की सुविधा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया.
रेल मंत्री को ट्वीट कर की शिकायत
इस पूरे मामले को लेकर उमा भारती ने रेल मंत्री को ट्वीट कर शिकायत भी दर्ज कराई है. उन्होंने ट्वीट में रेलवे व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए. घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है. यह घटना एक बार फिर रेलवे संचालन और यात्रियों की सुविधा से जुड़े सवाल खड़े कर रही है. देखना होगा कि जांच के बाद रेलवे प्रशासन क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार किए जाते हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


