11 C
Munich

PM मोदी की 5 देशों की यात्रा: जानिए किस देश से क्या डील हुई और भारत को क्या मिलेगा?

Must read


क्या डील हुई: दोनों देशों के बीच कच्चे तेल को सुरक्षित रखने और मिलकर नए जमाने के आधुनिक हथियार बनाने को लेकर सहमति बनी है।

भारत को क्या मिलेगा: सीधी बात ये है कि दुनिया में भले ही तेल की कमी हो जाए या लड़ाई छिड़ जाए, भारत को पेट्रोल-डीजल के लिए नहीं भटकना पड़ेगा क्योंकि यूएई भारत को लगातार तेल की सप्लाई करता रहेगा। इसके अलावा, यूएई भारत में कंप्यूटर, AI और सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में मोटा पैसा निवेश करेगा।

2. नीदरलैंड – 15 से 17 मई 2026

क्या डील हुई: यहां सबसे बड़ी डील मोबाइल, लैपटॉप और गाड़ियों में लगने वाली सेमीकंडक्टर चिप को बनाने वाली तकनीक को लेकर हुई है।

भारत को क्या मिलेगा: आज हम फोन और गाड़ियों की चिप के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं। अब नीदरलैंड भारत को वो मशीनें और तकनीक देगा जिससे ये चिप भारत में ही बनने लगेंगी। जब फैक्ट्रियां भारत में लगेंगी, तो हमारे पढ़े-लिखे युवाओं को देश में ही लाखों हाई-लेवल की नौकरियां मिलेंगी।

3. स्वीडन – 17 से 18 मई 2026

क्या डील हुई: दोनों देश मिलकर व्यापार बढ़ाने, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाली तकनीक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में साथ काम करेंगे।

भारत को क्या मिलेगा: स्वीडन हमें ऐसी तकनीक देगा जिससे हमारी फैक्ट्रियों और गाड़ियों से प्रदूषण कम हो सके। साथ ही, भारत के जो युवा अपना नया काम या कोई नया स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, उन्हें स्वीडन के बाजारों में अपना सामान बेचने और वहां की बड़ी लैब्स में रिसर्च करने का सीधा मौका मिलेगा।

4. नॉर्वे – 18 से 19 मई 2026

क्या डील हुई: पहाड़ों में सुरक्षित सुरंगें, टैक्निकल भाषा में टनल बनाने की तकनीक और भारत के डिजिटल सिस्टम जैसे यूपीआई को लेकर अहम समझौते हुए।

भारत को क्या मिलेगा: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख या उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और बॉर्डर वाले इलाकों में सुरंगें बनाना बेहद मुश्किल काम होता है। नॉर्वे इस काम में दुनिया का उस्ताद है। अब नॉर्वे की तकनीक से हमारे पहाड़ों में ऐसी मजबूत सुरंगें बनेंगी जो धंसेंगी नहीं और सफर सुरक्षित होगा। इसके अलावा, नॉर्वे का सरकारी फंड भारत के बाजार में 2.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नकद निवेश करेगा, जिससे भारत का बाजार मजबूत होगा।

5. इटली – 19 से 20 मई 2026

क्या डील हुई: दोनों देशों ने तय किया है कि वे अब डिफेंस के मामले में सिर्फ खरीदार-बेचने वाले नहीं रहेंगे, बल्कि भारत और इटली मिलकर भारत की धरती पर ही आधुनिक हथियार और सैन्य सामान बनाएंगे।

भारत को क्या मिलेगा: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत अब सेना के लिए आधुनिक हथियार भारत में ही बनेंगे। इसके अलावा टेक्सटाइल, गाड़ियां और दवाइयों की कंपनियां भारत में कारखाने खोलेंगी। सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि भारतीय छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए अब इटली जाकर पढ़ाई करना या नौकरी का वीजा पाना बहुत आसान हो जाएगा।

इस दौरे में क्या नया हुआ?
भारत के एक्सपोर्टर्स की सबसे बड़ी संस्था FIEO (Federation of Indian Export Organisations) के प्रेसिडेंट एस सी रल्हन के मुताबिक, यह दौरा भारत के व्यापार के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है.

$70 बिलियन का मार्केट: जिन 5 देशों का पीएम ने दौरा किया है, उनके साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार सामूहिक रूप से 70 अरब डॉलर (लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये) को पार कर चुका है।

भारतीय एक्सपोर्टर्स को सीधा फायदा: इस दौरे के बाद भारत के इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल ट्रेड से जुड़े व्यापारियों के लिए इन 5 देशों में एक्सपोर्ट के नए रास्ते खुल गए हैं, जिससे सीधे तौर पर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा।



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article