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Cyberabad Police E-Cycle Patrol: साइबराबाद पुलिस ने शहरी सुरक्षा व्यवस्था में एक नई और पर्यावरण-अनुकूल पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत अब तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-साइकिल से गश्त की जाएगी. यह मॉडल न केवल तेज और प्रभावी पुलिसिंग को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. ई-साइकिल पेट्रोलिंग के माध्यम से पुलिसकर्मी आसानी से संकरी गलियों तक पहुंच सकेंगे, जहां बड़ी गाड़ियां पहुंचना मुश्किल होता है.
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है. साइबराबाद पुलिस ने सोसाइटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल के साथ मिलकर पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों के एक विशेष पेट्रोलिंग बेड़े को लॉन्च किया है. यह पहल केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की ग्रीन पुलिसिंग की नींव रखती है. सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का यह तालमेल तेलंगाना में अपनी तरह का पहला प्रयोग है.

यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का एक बेहतरीन उदाहरण है. पुलिस और SCSC की इस पहल को सफल बनाने में निजी संस्थाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. नोवोटल, एक्सेल रबर लिमिटेड, हार्स्को, और आजाद इंजीनियरिंग जैसे प्रायोजकों ने इस कार्य में सहयोग दिया है. यह सहयोग दर्शाता है कि समाज की सुरक्षा और पर्यावरण की बेहतरी के लिए कॉर्पोरेट जगत भी पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है.

इस नए सुरक्षा बेड़े को बेहद सोच-समझकर तैयार किया गया है. इसमें 03 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कारें और 07 हाई-टेक पेट्रोलिंग बाइक्स शामिल की गई हैं. ये वाहन न केवल शोर रहित हैं बल्कि शून्य कार्बन उत्सर्जन करते हैं. पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में ये अधिक किफायती और फुर्तीले हैं. इन वाहनों में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे गश्त के दौरान पुलिसकर्मी अधिक कुशलता से काम कर सकेंगे.
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इस लॉन्च की सबसे बड़ी विशेषता 15 इलेक्ट्रिक साइकिलों को बेड़े में शामिल करना है. अक्सर देखा जाता है कि पुलिस की बड़ी गाड़ियाँ भीड़भाड़ वाले इलाकों या संकरी गलियों में समय पर नहीं पहुँच पातीं. इन ई-साइकिल को इसी समस्या के समाधान के रूप में लाया गया है. ये साइकिलें उन हाई-फुटफॉल जोन में तैनात की जाएंगी जहां आम गाड़ियों का जाना मुश्किल है. इससे पुलिस की रिस्पॉन्स टाइम में सुधार होगा और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूती मिलेग.

साइबराबाद पुलिस का यह कदम सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह देश के अन्य पुलिस विभागों के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करेगा. सस्टेनेबल मोबिलिटी यानी सतत परिवहन को अपनाकर विभाग ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा और स्थिरता एक सिक्के के दो पहलू हैं. आने वाले समय में यह मॉडल भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग का आधार बनेगा.

इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत एक भव्य फ्लैग ऑफ समारोह के साथ हुई. इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई दिग्गज अधिकारी मौजूद रहे. डीजीपी शिवाधर रेड्डी, डीजी अभिलाषा बिष्ट और साइबराबाद पुलिस कमिश्नर डॉ. एम. रमेश ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उनके साथ SCSC के महासचिव रमेश काज़ा और CEO नावेद आलम खान भी उपस्थित थे.


