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154 Kmph की रफ्तार से मचा तहलका! कौन हैं जयपुर के ‘पिंकसिटी एक्सप्रेस’ अशोक शर्मा? पढ़िए इनकी कहानी

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राजस्थान के जयपुर से निकलकर आईपीएल तक पहुंचने वाले तेज गेंदबाज अशोक शर्मा इन दिनों अपनी रफ्तार से क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोर रहे हैं. 154 किमी/घंटा की स्पीड से गेंदबाजी कर उन्होंने IPL 2026 में नया रिकॉर्ड बनाया है. संघर्ष, मेहनत और परिवार के त्याग से भरी उनकी कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है. आइए पढ़ते है इनकी कहानी…

इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान के खिलाड़ियों का दबदबा अब देखने को मिल रहा है, जहां 23 वर्षीय अशोक शर्मा 154 की रफ्तार से गेंदबाजी कर सबको चौंका रहे हैं. गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए उन्होंने अपनी पहली ही गेंद से बल्लेबाजों के बीच तहलका मचा दिया. पंजाब किंग्स के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए अशोक ने अपने डेब्यू मैच में 149+ की स्पीड से गेंद डालकर विकेट भी झटक लिया. इसके बाद से ही क्रिकेट फैंस के बीच उनकी खूब चर्चा हो रही है. जयपुर के सांगानेर के पास रामपुरा गांव के रहने वाले अशोक शर्मा को अब ‘पिंकसिटी एक्सप्रेस’ के नाम से जाना जा रहा है. वे संजू सैमसन और जॉश बटलर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के विकेट भी ले चुके हैं.

154 किलोमीटर की रफ्तार से गेंद फेक चुके हैं अशोक शर्मा

अशोक शर्मा ने गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंककर IPL 2026 की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड बना दिया. इससे पहले इस सीजन में सबसे तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड एनरिक नॉर्जे के नाम था, जिन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 150.9 किमी/घंटा की गति से गेंदबाजी की थी. अशोक शर्मा इससे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी 150.3 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर अपनी स्पीड का जलवा दिखा चुके हैं.

राजस्थान और कोलकाता ने नहीं दिया मौका, अब गुजरात में छाए अशोक

अशोक शर्मा गुजरात टाइटंस से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन उन्हें दोनों टीमों में सिर्फ नेट बॉलर के तौर पर ही इस्तेमाल किया गया और प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला. इसके बावजूद उनका संघर्ष लगातार जारी रहा. अपनी सटीक लेंथ और बेहतरीन स्विंग गेंदबाजी के दम पर उन्होंने कई टीमों का ध्यान अपनी ओर खींचा और आखिरकार IPL 2026 के ऑक्शन में गुजरात टाइटंस ने उन्हें 90 लाख रुपये में खरीद लिया. अपने डेब्यू मैच में अशोक शर्मा ने एक ओवर में 37 रन खर्च किए, लेकिन साथ ही एक विकेट भी अपने नाम किया, जिससे उन्होंने अपनी मौजूदगी का एहसास जरूर करा दिया.

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टैलेंट हंट के एक पोस्टर से पहुंचे आईपीएल तक

अशोक शर्मा का आईपीएल तक पहुंचने का सफर काफी संघर्ष भरा रहा है. शुरुआती दिनों में वे अपने गांव से हाथोज स्थित अरावली एकेडमी तक करीब 36 किलोमीटर का सफर तय कर ट्रेनिंग के लिए जाते थे. पूर्व रणजी क्रिकेटर विवेक यादव ने उन्हें एकेडमी में रहकर प्रशिक्षण लेने के लिए प्रोत्साहित किया. कुछ समय बाद विवेक यादव का कोरोना के दौरान निधन हो गया, जिसके बाद अशोक शर्मा की एकेडमी और क्रिकेट से दूरी बनने लगी. यहां तक कि वे अपने परिवार के साथ खेती-बाड़ी के काम में लग गए. लेकिन एक फास्ट बॉलर टैलेंट हंट के पोस्टर ने उनकी जिंदगी बदल दी. उन्होंने दोबारा गेंदबाजी शुरू की और इस टैलेंट हंट में 140+ किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर सबका ध्यान खींचा. इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें ट्रायल के लिए बुलाया और यहीं से उनके आईपीएल करियर की शुरुआत हुई.

मुश्ताक अली ट्रॉफी से आईपीएल का सफर

अशोक शर्मा दाहिने हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज हैं. आईपीएल के अलावा वे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में भी खेल चुके हैं. मुश्ताक अली ट्रॉफी में वे 100 गेंदबाजों की सूची में नंबर-1 पर रह चुके हैं और इस प्रतियोगिता में 10 मैचों में 22 विकेट हासिल कर चुके हैं. वहीं रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में 4 मैच खेलते हुए उन्होंने 14 विकेट लिए हैं. इसके अलावा विजय हजारे ट्रॉफी में इस सीजन 7 मैचों में 13 विकेट लेने में सफल रहे. पिछले तीन आईपीएल सीजन में वे तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े रहे, लेकिन उनका आधिकारिक डेब्यू साल 2026 में हुआ.

किसान परिवार से आते हैं अशोक शर्मा

अशोक शर्मा का जन्म 17 जून 2002 को जयपुर में हुआ था. फिलहाल 23 वर्षीय अशोक राजस्थान के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने आईपीएल तक का सफर तय किया है. वे एक किसान परिवार से आते हैं. उनके क्रिकेटर बनने और आईपीएल तक पहुंचने में उनके भाई अक्षय शर्मा का बड़ा योगदान रहा है. अक्षय खुद भी क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि पिता केवल एक ही बेटे को क्रिकेट की ट्रेनिंग दिला सकते थे. ऐसे में अक्षय ने अपना सपना छोड़कर अशोक को आगे बढ़ाया और उन्हें क्रिकेट एकेडमी तक पहुंचाने में हर संभव मदद की.



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