विश्व अस्थमा दिवस-World Asthma Day

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जानिए विश्व भर में मनाए जाने वाले विश्व अस्थमा दिवस के बारे में…..

पूरे देश में हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है। विश्व अस्थमा दिवस दुनिया भर में अस्थमा और देखभाल के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

अस्थमा क्या है-

अस्थमा फेफड़ों की एक पुरानी बीमारी है। जिसमें सांस लेने में दिक्कत होती है। अस्थमा के कई लक्षण हैं जैसे कि सांस फुलना,घरघराहट होना, छाती में जकड़न होना और तेज खांसी होना।

ये लक्षण सभी लोगों में अलग-अलग होते हैं। किसी को ज्यादा होते हैं तो किसी को कम होते हैं। इन लक्षणों के चलते वायु मार्ग से सांस लेने में मुश्किल होती है।

अस्थमा को ठीक नहीं किया जा सकता। पीड़ित व्यक्ति पूरा जीवन परेज एवं दवाइयों पर ही व्यतीत करता है और साथ ही उसे सांस लेने की दिक्कत को हमेशा जीना पड़ता है।

अस्थमा के मरीजों को जीवन भर बहुत ही सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। जिसकी वजह से प्रत्येक बदलते मौसम में अस्थमा के मरीजों को अपना और भी ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है।

कैसे और कब हुई अस्थमा दिवस की शुरुआत-

वर्ल्ड अस्थमा दिवस की 1989 से शुरुआत हुई थी। इस दिवस की पहली मीटिंग में हुई थी जिसमें लगभग 35 देश शामिल थे। इसके बाद धीरे- धीरे वर्ल्ड अस्थमा डे दुनिया में जागरूकता फैलाने के तौर पर मनाया गया। विश्व अस्थमा दिवस का समर्थन विश्व अस्थमा फाउंडेशन भी करता है।

आजकल के बढ़ते प्रदूषण और बिगड़े लाइफ़स्टाइल ने दुनिया भर में अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। जब तक मरीज इस रोग को समझ पाते हैं तब तक यह रोग काफी बड़ा बन जाता है। इस रोग के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए ही अस्थमा दिवस मनाया जाता है।

किन वजहों से हो सकता है अस्थमा

धूल और प्रदूषण:-

गर्मी के मौसम में धूल काफी उड़ती है जिसकी वजह से इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है। उड़ती धूल से इंसान को एलर्जी होने के साथ-साथ अस्थमा होने का भी खतरा बना रहता है।

अस्थमा बीमारी छोटे बच्चों को जल्दी जकड़ लेती है। इस बीमारी से बचने के लिए हमें खुद ही होशियार होकर धूल और प्रदूषण से बच के रहना चाहिए।

सर्द-गर्म की समस्या:-

सर्दी और गर्मी दोनों ही मौसम में इंसान अस्थमा का शिकार हो सकता है। गर्मियों में तुरंत बाहर से आकर एयर कंडीशनर की ठंडक में बैठने से भी इंफेक्शन हो सकता है। जिस वजह से व्यक्ति में अस्थमा भी बन सकता है।

वायरल इनफेक्शन:-

वायरल इनफेक्शन होने के बाद ही अस्थमा की शुरुआत होती है। व्यक्ति को अगर बार बार जुकाम खांसी है तो यह एलर्जी का संकेत है। सही समय पर इलाज कराकर इस इंफेक्शन से बचा जा सकता है।

यदि इंफेक्शन का सही समय पर इलाज ना हो तो यह अस्थमा में भी बदल सकता है।

आसमा से राहत पाने के लिए फॉलो करें कुछ स्टेप्स-

✓ डॉक्टर से बात करके अपना पर्सनल प्लेन सेट करें। जिसमें कब दवाइयां लेनी हैं और किन-किन चीजों से परहेज करना है। इन सभी बातों का विशेष ध्यान रखें।

✓ अपने डॉक्टर की सलाह से ही दवाइयों को लें।ताकि वायु मार्ग में हो रही सूजन और सांस लेने में हो रही दिक्कत से आप लड़ सके।

✓ बदलते मौसम में कौन सी दवाइयां खानी हैं और किन किन चीजों का परहेज करना है,इन सभी बातों की डॉक्टर से सलाह लें।

✓ प्रदूषण और धूल से जितना हो सके उतना बचें। बाहर निकले तो मास्क लगाकर निकलें ताकि प्रदूषण के कण आपके वायु मार्ग में ना जाएं और आपको सांस लेने में दिक्कत ना हो।

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