गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के चुनावी हलफनामे ने उनकी पारिवारिक संपत्ति में हुए जबरदस्त उछाल को उजागर कर दिया है. पिछले 10 साल में उनकी कुल संपत्ति 6.38 करोड़ से बढ़कर 35.15 करोड़ रुपये पहुंच गई, यानी दौलत में कई गुना इजाफा. जालुकबाड़ी सीट से दाखिल नामांकन के साथ दिए गए हलफनामे के मुताबिक, 2021 से 2026 के बीच ही उनकी संपत्ति लगभग दोगुनी हो गई, जो अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन चुका है.
खुद मुख्यमंत्री की संपत्ति भले सीमित दिख रही हो – 2026 में उनकी कुल चल संपत्ति 2.36 करोड़ रुपये है, लेकिन असली खेल उनकी पत्नी रिंकी सरमा की संपत्ति में नजर आता है. रिनिकी भुइयां सरमा, जो प्राइड ईस्ट इंटरटेनमेंट की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, के पास कुल 32.79 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो परिवार की कुल दौलत का बड़ा हिस्सा है.
मुख्यमंत्री के पास 2.28 लाख कैश, करीब 68 लाख रुपये बैंक खातों में, और 1.41 करोड़ रुपये के लोन-एडवांस हैं. उनके पास 180 ग्राम सोना (करीब 25 लाख रुपये) है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि उनके नाम पर कोई गाड़ी, कोई जमीन और कोई निवेश (शेयर/म्यूचुअल फंड) नहीं है.
वहीं दूसरी तरफ उनकी पत्नी के पास करोड़ों के शेयर, म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसी और 1.45 किलो सोना है, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है.उनके नाम पर 19.25 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी दर्ज है, जिसमें कई प्लॉट और मकान शामिल हैं.
चौंकाने वाली बात ये भी है कि जहां मुख्यमंत्री पर करीब 95 लाख रुपये की देनदारी है, वहीं उनकी पत्नी पर 15.91 करोड़ रुपये का भारी कर्ज दर्ज है. स्पष्ट है, चुनावी हलफनामे ने असम की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है… जहां सत्ता, संपत्ति और पारदर्शिता अब आमने-सामने खड़ी नजर आ रही हैं.
हिमंत बिस्वा सरमा ने दाखिल किया नामांकन
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी के तौर पर शुक्रवार को जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल किया. नामांकन के दौरान उनके साथ उनकी पत्नी रिनिकी भुयान सरमा, बेटा नंदिल बिस्वा सरमा और गुवाहाटी से भाजपा की सांसद बिजुली कालिता मेधी मौजूद थीं. नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले मुख्यमंत्री ने एक वाहन पर सवार होकर खानापारा क्षेत्र के वेटरिनरी फील्ड से लगभग 5.6 किलोमीटर दूर कामरूप (महानगर) जिला निर्वाचन कार्यालय तक रैली निकाली जहां उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया. नामांकन दाखिल करने से पहले मुख्यमंत्री ने अपनी मां मृणालिनी देवी का आशीर्वाद लिया.



