Bengal Chunav LIVE | Mamata Banerjee Eid Namaz | ईद पर ममता बनर्जी नमाज में हुईं शामिल, BJP के सुवेंदु अधिकारी पहुंचे कालीघाट मंदिर

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Bengal Chunav LIVE: पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. ईद के पवित्र मौके पर मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी नमाज में शामिल हुईं. दूसरी तरफ, भाजपा नेता सुवेंदु अध‍िकारी कालीघाट मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की. इस भवानीपुर से ममता को सुवेंदु अधिकारी ही चुनौती दे रहे हैं. वहीं, वाम मोर्चा और कांग्रेस भी चुनाव तैयारियों में जुटे हैं.

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मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ईद के मौके पर शनिवार 21 मार्च 2026 को नमाज में शामिल हुईं. (फाइल फोटो/PTI)

Bengal Chunav LIVE: ईद का त्‍योहार पूरे देश में हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जा रहा है. चुनावी राज्‍य पश्चिम बंगाल में इसका अलग ही असर देखने को मिल रहा है. मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ईद की नमाज में शामिल हुईं. वहीं, भाजपा नेता और भवानीपुर विधानसभा सीट से सीएम ममता को चुनावी टक्‍कर देने जा रहे सुवेंदु अधिकारी ने कालीघाट मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की है. पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सुरक्षा और राजनीतिक सरगर्मी दोनों तेज हो गई हैं. चुनाव आयोग (ईसीआई) ने चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड तैनाती का फैसला किया है. आयोग के मुताबिक, दो चरणों में होने वाले मतदान के दौरान कुल 2,400 कंपनियां सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ), इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और विभिन्न राज्यों की सशस्त्र पुलिस की तैनात की जाएंगी. ईसीआई द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. इससे पहले ही 480 कंपनियां सीएपीएफ की अग्रिम तैनाती के तौर पर राज्य में पहुंच चुकी हैं. चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखा जाएगा, ताकि किसी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो. अधिसूचना के अनुसार, मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम, स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए 200 कंपनियां सीएपीएफ की राज्य में तैनात रहेंगी. इसके अलावा चुनाव के बाद संभावित हिंसा को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 500 अतिरिक्त कंपनियों को अगले आदेश तक राज्य में ही रखा जाएगा. गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद राज्य में व्यापक हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं, जिसे देखते हुए इस बार आयोग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. हालांकि, शेष 1,700 कंपनियों को दूसरे चरण के मतदान के तुरंत बाद वापस बुला लिया जाएगा.

पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े पल-पल के अपडेट्स

बंगाल चुनाव LIVE: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने बड़ा ऐलान करते हुए 33 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है. साल 2021 में अब्बास सिद्दीकी द्वारा स्थापित पार्टी का नेतृत्व वर्तमान में राज्य के एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी कर रहे हैं. आईएसएफ ने राज्य की दो प्रमुख पार्टियों (तृणमूल कांग्रेस और भाजपा) दोनों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. इससे पहले आईएसएफ के कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिशें भी सामने आई थीं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला. 2021 के चुनाव में पार्टी को केवल भांगर सीट पर जीत मिली थी. इधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र जारी करते हुए ‘दुआरे चिकित्सा’ योजना की घोषणा की. राज्य में मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी.

पार्टियों की अलग-अलग रणनीतियां

चुनावी रणभूमि में राजनीतिक दलों की रणनीतियां भी स्पष्ट होने लगी हैं. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने नंदीग्राम सीट पर इस बार विशेष ध्यान केंद्रित किया है. उम्मीदवारों की सूची जारी होने से ठीक पहले पार्टी ने भाजपा नेता पबित्र कर को अपने साथ शामिल कर सभी को चौंका दिया. कर को नंदीग्राम से टीएमसी का उम्मीदवार बनाया गया है, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पबित्र कर का चयन एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है. कर पहले अधिकारी के करीबी माने जाते थे और इलाके में उनकी अच्छी पकड़ है. ऐसे में उन्हें अधिकारी के खिलाफ मजबूत चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. पूर्वी मिदनापुर जिला, खासकर नंदीग्राम, लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहा, लेकिन 2021 के बाद से यहां भाजपा का प्रभाव बढ़ा है. 2021 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम सीट पर बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली थी, जहां सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बेहद कम अंतर से हराया था. हालांकि, ममता बनर्जी ने बाद में भवानीपुर सीट से उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा.

दिलचस्‍प चुनावी मुकाबला

इस बार चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं, क्योंकि सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका सीधा मुकाबला एक बार फिर ममता बनर्जी से होगा. दो चरणों में होने वाले मतदान से अधिकारी को दोनों सीटों पर प्रचार के लिए समय मिल जाएगा. नंदीग्राम में पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि भवानीपुर में दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. भारी सुरक्षा बंदोबस्त और कड़े राजनीतिक मुकाबले के बीच पश्चिम बंगाल का यह चुनाव एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बनने जा रहा है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



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