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Sitamarhi Police Case: बिहार के सीतामढ़ी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फिल्म ‘धुरंधर 2’ देखकर लौट रहे दो युवकों के साथ कथित पुलिसिया बर्बरता का आरोप लगा है. घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
सीतामढ़ी में पुलिस की बर्बरता, दो युवकों को चोर बताकर बेरहमी से पिटाई का आरोप (AI जेनरेटेड)
सीतामढ़ी. सीतामढ़ी से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) फिल्म देखकर लौट रहे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर कथित रूप से बेरहमी से पीटा. आरोप है कि दोनों निर्दोष युवकों को पूरी रात हवालात में थर्ड डिग्री दी गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी शहर में फिल्म देखने के बाद अपने गांव लौट रहे दो युवक रास्ते में ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए. परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों को पूरी रात हवालात में रखकर थर्ड डिग्री दी गई। इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए. फिलहाल दोनों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. आरोप यह भी है कि युवकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे उनके शरीर पर कई चोटों के निशान हैं.
रातभर थर्ड डिग्री, अस्पताल में चल रहा इलाज
घायल युवक सीतामढ़ी जिले के ससौला गांव के रहने वाले जयप्रकाश सिंह और उनका चचेरा भाई गोपाल कुमार हैं. परिजनों का कहना है कि दोनों युवक ‘धुरंधर 2’ फिल्म देखकर सीतामढ़ी शहर से अपने घर लौट रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया, थाने ले गई और वहां उनकी बेरहमी से पिटाई की. आरोप है कि सुप्पी थाना पुलिस ने दोनों निर्दोष युवकों को हिरासत में लेकर पूरी रात हवालात में थर्ड डिग्री दी. पुलिस पिटाई के दौरान दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों का इलाज सीतामढ़ी सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. परिजनों का आरोप है कि युवकों के साथ न सिर्फ मारपीट की गई, बल्कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया गया.
कथित चोर से जबरन संबंध कबूलवाने का दबाव
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि जिस समय दोनों युवकों को हाजत में बंद कर पीटा जा रहा था, उसी दौरान एक कथित चोर को भी पुलिस ने हाजत में रखा हुआ था. आरोप है कि उस चोर की भी बेरहमी से पिटाई की गई और उस पर दबाव बनाया गया कि वह यह कबूल करे कि वह इन दोनों युवकों को जानता है और किसी तरह से उनसे जुड़ा हुआ है.
इलाके में आक्रोश, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं. स्थानीय लोग भी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि बिना ठोस सबूत के युवकों को पकड़कर इस तरह की बर्बरता करना कानून के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण है. परिजन दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
डीएसपी की सफाई, जांच की बात
इधर, सीतामढ़ी के सदर डीएसपी 1 राजीव कुमार ने बताया कि सुप्पी के ससौला चौक पर चोरी की एक वारदात हुई थी, जिसके दौरान पुलिस ने एक कथित चोर को पकड़ा था. डीएसपी के अनुसार, गलतफहमी में पुलिस ने दोनों युवकों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया. उन्होंने कहा कि अगर हिरासत में लिए गए युवकों के साथ पुलिस बर्बरता की बात सामने आई है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.
गलतफहमी बताकर केस में फंसा देंगे क्या!
बहरहाल, सीतामढ़ी में फिल्म देखकर घर लौट रहे दो युवकों के साथ हुई कथित बर्बर पुलिसिया कार्रवाई ने कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ओर परिजन और स्थानीय लोग न्याय व कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस इसे गलतफहमी का नतीजा बता रही है और जांच का आश्वासन दे रही है. अब देखना होगा कि जांच के बाद सच क्या सामने आता है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है या नहीं.
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