नई दिल्ली (Rashtriya Military School Admission Guide). अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा अनुशासित, बहादुर और सच्चा देशभक्त बने तो राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में एडमिशन करवाना बेस्ट ऑप्शन है. ये स्कूल रक्षा मंत्रालय के अधीन हैं. राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं करवाई जाती है, बल्कि बच्चों को भविष्य का फौजी अफसर बनने के लिए भी तैयार किया जाता है. यहां का वातावरण उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से इतना सक्षम कर देता है कि बच्चे जीवन की हर चुनौती का सामना कर सकें.
RMS Admission Guide: राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल एडमिशन पात्रता और प्रक्रिया
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में एडमिशन से पहले पात्रता और पूरी प्रक्रिया के नियम समझना जरूरी है. राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की ऑफिशियल वेबसाइट rashtriyamilitaryschools.edu.in पर भी इससे जुड़ी हर डिटेल चेक कर सकते हैं.
RMS Eligibility Criteria: राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में कौन एडमिशन ले सकता है?
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में मुख्य रूप से कक्षा 6 और कक्षा 9 में एडमिशन मिलता है. दोनों क्लासेस के लिए एज लिमिट तय की गई है.
- कक्षा 6 के लिए: छात्र की आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए. इसमें लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं.
- कक्षा 9 के लिए: आयु 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वर्तमान में इसमें केवल लड़कों को एडमिशन दिया जाता है.
- शैक्षणिक योग्यता: छात्र का किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से कक्षा 5 या कक्षा 8 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है.
RMS Admission Process: राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में एडमिशन कैसे मिलता है?
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में एडमिशन हासिल करने के लिए छात्र को 3 चरणों से गुजरना पड़ता है:
- CET (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट): यह अखिल भारतीय स्तर की लिखित परीक्षा है. इसमें गणित, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान और बुद्धिमत्ता (Intelligence) के प्रश्न पूछे जाते हैं.
- इंटरव्यू: लिखित परीक्षा पास करने वाले छात्रों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जहां उनकी पर्सनालिटी और कॉन्फिडेंस को परखा जाता है.
- मेडिकल फिटनेस: अंतिम चयन से पहले मिलिट्री हॉस्पिटल में मेडिकल चेकअप होता है, जिससे सुनिश्चित हो सके कि छात्र सैन्य प्रशिक्षण के लिए फिट है.
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल कहां है?
भारत में कुल 5 राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) हैं, जो रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में संचालित होते हैं. ये स्कूल हिमाचल प्रदेश के चैल (शिमला हिल्स), राजस्थान के अजमेर और धौलपुर, कर्नाटक के बेलगाम और बेंगलुरु में स्थित हैं. ये सभी आवासीय स्कूल हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने के लिए तैयार करना है.
RMS Syllabus: राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल का सिलेबस
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध हैं. यहां विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान के साथ-साथ ‘लीडरशिप क्वॉलिटी’ पर खास फोकस किया जाता है. यहां के स्टूडेंट्स को घुड़सवारी, तैराकी, निशानेबाजी और विभिन्न खेलों में माहिर किया जाता है. यहां की रूटीन लाइफ सुबह की पीटी (PT) से शुरू होकर रात के स्टडी रूटीन तक निश्चित टाइम-टेबल के अनुसार चलती है.
RMS Fees Structure: राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की फीस
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की फीस बहुत ही किफायती है क्योंकि इसे सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जाती है.
- सैन्य कर्मियों (OR/JCO) के बच्चों के लिए: लगभग 12,000 से 18,000 रुपये सालाना.
- अधिकारियों के बच्चों के लिए: लगभग 32,000 रुपये सालाना.
- आम नागरिकों (Civilians) के लिए: लगभग 51,000 रुपये सालाना.
नोट: एससी/एसटी वर्ग के लिए फीस में और अधिक रियायत दी जाती है.
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई करने के फायदे
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई करने का सबसे बड़ा फायदा है कि स्टूडेंट का व्यक्तित्व पूरी तरह निखर जाता है. यहां के ज्यादातर छात्र एनडीए (National Defence Academy) की परीक्षा पास कर भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में अधिकारी बनते हैं. इसके अलावा, यहां का अनुशासन छात्रों को कॉर्पोरेट जगत या अन्य सिविल सेवाओं में भी सफल होने में मदद करता है.



