ओपिनियन पोल: DMK-AIADMK में कांटे की टक्कर, ‘वाइल्ड कार्ड’ विजय, जानें जनता के मन की बात

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Tamil Nadu Election opinion Poll: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी बीच न्यूज18 और वोट वाइब (Vote Vibe) द्वारा 23 मार्च 2026 को जारी किए गए तमिलनाडु ओपिनियन पोल ट्रैकर 1 के चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं. 7,992 लोगों के सैंपल साइज पर आधारित यह सर्वे बताता है कि आगामी चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन DMK+ और मुख्य विपक्षी AIADMK+ के बीच बेहद कांटे की टक्कर होने वाली है. आइए सर्वे में पूछे गए अहम सवालों और जनता के जवाबों पर एक नजर डालते हैं.

मौजूदा सरकार का 5 साल का कामकाज कैसा रहा?
एम.के. स्टालिन सरकार के कामकाज पर जनता की राय बंटी हुई नजर आ रही है. सर्वे में 40% लोगों ने सरकार के काम को ‘बहुत अच्छा’ या ‘अच्छा’ बताया है, जबकि करीब 39% लोग इसे ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ मानते हैं. महिलाओं और 55+ उम्र के बुजुर्गों में सरकार के प्रति संतुष्टि अधिक है, जबकि युवा (18-24 वर्ष) सरकार के ज्यादा आलोचक हैं.

मुख्यमंत्री की पहली पसंद कौन और किसका कार्यकाल बेहतर?
मुख्यमंत्री पद के लिए मौजूदा सीएम एम.के. स्टालिन 39.9% लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं . हालांकि, AIADMK के ई. पलानीस्वामी 37.5% के साथ उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं. अभिनेता विजय (TVK) को 14.7% लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है . एक अन्य दिलचस्प सवाल में, 44.6% लोगों ने जे. जयललिता और EPS के पिछले कार्यकाल (2016-2021) को स्टालिन के मौजूदा कार्यकाल (40.6%) से बेहतर बताया है.

इस चुनाव के सबसे बड़े मुद्दे क्या हैं?
तमिलनाडु के मतदाताओं के लिए नशा (शराब और ड्रग्स) राज्य का सबसे बड़ा मुद्दा है, जिसे 20.1% लोगों ने अपनी मुख्य चिंता बताया है. इसके बाद महिला सुरक्षा (17.8%), कानून व्यवस्था (17.3%) और बेरोजगारी (15.5%) का नंबर आता है.

मौजूदा विधायकों के खिलाफ कितनी नाराजगी?
सर्वे का एक बहुत बड़ा संकेत स्थानीय स्तर पर विधायकों के खिलाफ भारी सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का है . 51.7% मतदाताओं ने स्पष्ट किया है कि वे अपने मौजूदा विधायक को दोबारा वोट देने की संभावना नहीं रखते हैं (28.7% ने ‘अत्यधिक असंभव’ और 23% ने ‘असंभव’ कहा) .

मुकाबला किसके बीच?
41.2% मतदाताओं का मानना है कि चुनाव पूरी तरह से ‘दो ध्रुवीय’ (Bipolar) यानी DMK बनाम AIADMK है . वोट शेयर और सीटों के अनुमान की बात करें तो DMK+ को 40.1% वोट के साथ 113-123 सीटें मिलने का अनुमान है . वहीं, AIADMK+ 38.1% वोट और 106-116 सीटों के साथ सत्ता के बिल्कुल करीब खड़ी है .

विजय की वाइल्ड कार्ड इंट्री

कुल मिलाकर, अभिनेता विजय की पार्टी TVK (14.8% वोट, 2-8 सीटें) इस चुनाव में एक ‘वाइल्ड कार्ड’ है . जेंडर और जातिगत समीकरणों (DMK को महिलाओं व दलितों का साथ, AIADMK को पुरुषों व ओबीसी का समर्थन) पर बंटे इस राज्य में हर एक सीट की लड़ाई बेहद दिलचस्प होने वाली है.

विधायकों के खिलाफ भारी सत्ता विरोधी लहर

भले ही राज्य सरकार के कामकाज को 40% लोगों ने ‘अच्छा’ या ‘बहुत अच्छा’ बताया हो, लेकिन स्थानीय विधायकों के खिलाफ भारी सत्ता विरोधी लहर देखी जा रही है. 51.7% मतदाताओं ने स्पष्ट किया है कि वे अपने मौजूदा विधायक को दोबारा वोट देने की संभावना नहीं रखते हैं . दिलचस्प बात यह है कि 44.6% लोग जे. जयललिता और EPS के पिछले कार्यकाल (2016-2021) को एम.के. स्टालिन के मौजूदा कार्यकाल (40.6%) से बेहतर मानते हैं.

क्या जेंडर और जाति के आधार पर बंटे मतदाता?

सर्वे के मुताबिक, राज्य में मतदान जेंडर और जाति के आधार पर स्पष्ट रूप से बंटा हुआ है. महिलाएं बड़े पैमाने पर DMK और स्टालिन का समर्थन कर रही हैं, जबकि पुरुष मतदाता AIADMK और EPS की ओर झुके हुए हैं. 18-24 वर्ष के युवाओं के बीच अभिनेता विजय की पार्टी को सबसे ज्यादा समर्थन मिल रहा है .जातिगत समीकरणों में, एससी/दलित और अल्पसंख्यक (मुस्लिम व ईसाई) मतदाता DMK+ के मजबूत समर्थक बने हुए हैं. दूसरी ओर, ओबीसी और सवर्ण (Upper Caste Hindus – UCH) मतदाता मजबूती से AIADMK+ का समर्थन कर रहे हैं.

शराब, ड्रग्स और महिला सुरक्षा सबसे बड़े मुद्दे

तमिलनाडु के मतदाताओं के लिए इस बार चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा नशा (शराब और ड्रग्स) है, जिसे 20.1% लोगों ने अपनी मुख्य चिंता बताया है . इसके बाद महिला सुरक्षा (17.8%), कानून व्यवस्था (17.3%) और बेरोजगारी (15.5%) सबसे अहम चुनावी मुद्दे हैं . भ्रष्टाचार को 7.2% लोगों ने मुद्दा माना है .



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