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Rafale Deal Update: ईरान जंग के बीच भारत अपरनी आसमानी ताकत बढ़ाने में जुट गया है. जी हां, भारत अब 114 राफेल, 60 MTA सौदों से वायुसेना शक्ति बढ़ाने की तैयारी में है. ईरान अमेरिका इजरायल जंग की पृष्ठभूमि में भारत 2026-27 में 114 राफेल डील को लॉक कर देगा. रक्षा मंत्रालय ने संसदीय पैनल को यह जानकारी दी है.
भारत की आसमानी ताकत और बढ़ने वाली है. (राफेल की फोटो)
Rafale Deal Update: ईरान जंग की आग में पश्चिम एशिया जल रहा है. आसमानी ताकत ही युद्ध की दिशा और दशा बदल रहे हैं. ईरान-अमेरिका और इजरायल जंग ने एक बार फिर बता दिया कि युद्ध में हथियारों का कितना बड़ा रोल है. क्यों देशों को अपने हथियारों के जखीरे को मजबूत रखना चाहिए. यही कारण है कि भारत भी अपनी ताकत और बढ़ाने में जुट चुका है. भारत के लिए 2026-27 का वित्त वर्ष काफी अहम रहने वाला है. भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत इस साल कई डिफेंस डील को पूरा कर लेगा. जी हां, भारत इस वित्त वर्ष में कई बड़े सौदे पूरे करने की तैयारी में है. इनमें 114 राफेल लड़ाकू विमान, 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) और अतिरिक्त एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम खरीदने की डील शामिल हैं. रक्षा मंत्रालय ने एक संसदीय पैनल को यह जानकारी दी है.
टीओआई की खबर के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने डिफेंस डील को लेकर संसदीय पैनल को अपना पूरा प्लान बताया है. राफेल डील पर डेडलाइन तय कर दी है. डिफेंस मिनिस्ट्री ने रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बताया, ‘2025-26 के बजट अनुमानों की तुलना में वायुसेना के पूंजीगत बजट में 37.03 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. आवंटित धनराशि का उपयोग कुछ प्रमुख नई योजनाओं के लिए करने के लिए किया जाएगा. मसलन मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट यानी राफेल डील, कॉम्बैट इनेबलर्स यानी AEW&C और तेजस MK1A, मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस RPA (रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट.
114 राफेल को मिली है मंजूरी
दरअसल, इस साल फरवरी में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के तहत 114 राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी. इन विमानों और सैन्य साजो-सामान के लिए प्रस्तावित सौदे की लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है. मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट मॉडल के तहत नए राफेल विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इन्हें फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन एक भारतीय साझेदार के सहयोग से बनाएगी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए और विशेष रूप से मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में समिति भारतीय वायुसेना से आग्रह करती है कि वह आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन के लिए आवंटित धनराशि का प्रभावी ढंग से उपयोग करे. इसका उपयोग हथियारों और अन्य महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए किया जाना चाहिए.
60 विमान भी मंजूर
रक्षा अधिग्रहण बोर्ड ने हाल ही में भारतीय वायुसेना के लिए 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) खरीदने की योजना को मंजूरी दी है. इसकी अनुमानित लागत 1 लाख करोड़ रुपये है. इस कार्यक्रम का मकसद पुराने हो चुके An-32 बेड़े को बदलना है. इसके तहत 12 विमान ‘फ्लाई-अवे’ यानी उड़ने की स्थिति में तैयार हालत में खरीदे जाएंगे. वहीं 48 विमानों का निर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाएगा. इसके लिए मुख्य दावेदारों में Embraer C-390 Millennium, Lockheed Martin C-130J Super Hercules और European Airbus Defence and Space का A-400M शामिल हैं.
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