भूल जाइए रसोई गैस की दिक्कत, LPG-पेट्रोल लादकर आ रहे 3 जहाज, खतरनाक होर्मुज भी कर गए पार

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अमेरिका-इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग और इस कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पनपे रसोई गैस की किल्लत से अब राहत मिलने की उम्मीद है. खबर है कि यूएई से दो एलपीजी (LPG) जहाज और सऊदी अरब से एक कच्चा तेल लेकर आने वाला टैंकर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि, भारतीय झंडे वाले जहाज एमवी जग वसंत और एमवी पाइन गैस सोमवार सुबह 6 बजे यूएई के बंदरगाहों से भारत के लिए रवाना हुए. दोनों जहाज करीब पांच नॉटिकल मील की दूरी पर एक साथ यात्रा कर रहे हैं. ईरान से अनुमति मिलने के बाद इन जहाजों ने संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया.

भर जाएंगे कितने सिलेंडर?

इन जहाजों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है, जिससे लगभग 65 लाख घरेलू LPG सिलेंडर भरे जा सकते हैं. इन दोनों जहानों पर 33 और 27 भारतीय नाविक सवार हैं. एमवी जग वसंत के 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचने की संभावना है, जबकि एमवी पाइन गैस 28 मार्च तक न्यू मैंगलोर पहुंच जाएगा.

नेवी चीफ ने रद्द किया विदेश दौरा

गल्फ ऑफ ओमान क्षेत्र में इन जहाजों को 24 घंटे तक भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की सुरक्षा दी जाएगी. इसके बाद ये जहाज भारत के पश्चिमी तट की ओर आगे बढ़ेंगे. लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह सुरक्षा व्यवस्था बेहद अहम मानी जा रही है. हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने 19 से 23 मार्च के बीच प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का आधिकारिक दौरा रद्द कर दिया है. यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री हालात पर नजर रखने के लिए लिया गया है.

सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आ रहा टैंकर

इसी बीच सऊदी अरब के यनबू पोर्ट से एमटी कलिस्टा नाम का कच्चा तेल टैंकर भी भारत के पारादीप पोर्ट के लिए रवाना होने की तैयारी में है. यह जहाज जेद्दा होते हुए भारत आएगा. इस टैंकर को भी गल्फ ऑफ एडन में भारतीय नौसेना की सुरक्षा दी जाएगी, जिसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ समन्वय किया गया है.

युद्ध क्षेत्र में भारतीय नाविकों पर दबाव

पर्शियन गल्फ में जारी तनाव और लगातार हो रही फायरिंग के कारण वहां तैनात भारतीय नाविकों पर मानसिक दबाव बढ़ गया है. हालांकि भारतीय नौसेना और जहाज मालिक लगातार उनके संपर्क में हैं और उनका मनोबल बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.

इस बीच ईरान से गुजरने वाले जहाजों के लिए शुल्क मांगने की खबरों को ईरानी दूतावास ने खारिज कर दिया है. दूतावास ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए किसी तरह की 20 लाख डॉलर की मांग नहीं की गई है. हालांकि, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) भारतीय युद्धपोतों को अपने क्षेत्र में एस्कॉर्ट देने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.

सरकार ने नौसेना को दिए विशेष निर्देश

केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना को निर्देश दिया है कि वह ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी में कोलकाता क्लास के विध्वंसक युद्धपोत तैनात करे ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. साथ ही सभी भारतीय जहाजों के कप्तानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और उन्हें भरोसा दिलाया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद उपलब्ध कराई जाएगी.

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बाधित नहीं होने देगा. एलपीजी और कच्चे तेल से भरे जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और नौसेना की तैनाती इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है.



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