राज्य की पारंपरिक खानपान संस्कृति अपने खास स्वाद और देसी अंदाज के लिए जानी जाती है. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में से एक है ‘चिकन झील पीठा’, जो खास मौकों और ग्रामीण इलाकों में बड़े चाव से बनाया जाता है. इस व्यंजन में चावल के आटे से पीठा तैयार किया जाता है. इसके लिए हल्के गर्म पानी में नमक मिलाकर चावल का आटा गूंथा जाता है और छोटे-छोटे गोले बनाकर हल्का चपटा कर लिया जाता है. इसके बाद सरसों के तेल में जीरा, तेज पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालकर तड़का लगाया जाता है. फिर प्याज, अदरक, लहसुन और पिसे मसालों को भूनकर चिकन डाला जाता है. जब चिकन मसाले के साथ पकने लगता है, तब उसमें पानी डालकर तैयार पीठा को धीरे-धीरे ग्रेवी में डाला जाता है. इसके बाद धीमी आंच पर पकने दिया जाता है, जिससे पीठा और चिकन दोनों में मसाले का स्वाद अच्छी तरह समा जाता है. अंत में हरा धनिया डालकर इसे गरमा-गरम परोसा जाता है.





