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नमो ड्रोन दीदी योजना के जरिए सरकार ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन तकनीक से जोड़ रही है. 1261 करोड़ की इस योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन देकर खेती में उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव की सेवाएं दी जाएंगी. इससे न सिर्फ खेती आधुनिक बनेगी, बल्कि महिलाओं की आय बढ़ेगी और उन्हें नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.
केंद्र सरकार ग्रामीण महिलाओं के लिए ड्रोन दीदी योजना लेकर आई है. (एआई इमेज)
Drone Didi: अब गांवों की महिलाएं सिर्फ खेतों में काम करने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि आसमान में उड़ते ड्रोन के जरिए खेती को नई दिशा देती नजर आएंगी. केंद्र सरकार की ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना इसी बदलाव की कहानी लिखने जा रही है, जो ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़कर उनकी आय और पहचान दोनों बढ़ाने का काम करेगी.
लोकसभा में मंगलवार को ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने इस योजना की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन दीदी को केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में मंजूरी दी गई है, जिसकी अवधि 2023-24 से 2025-26 तक तय की गई है. इस पूरी योजना के लिए सरकार ने 1261 करोड़ रुपये का बजट रखा है.
- उन्होंने बताया कि इस योजना का मकसद महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ड्रोन उपलब्ध कराना है, ताकि वे किसानों को किराये पर कृषि सेवाएं दे सकें. इन ड्रोन की मदद से खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव आसानी से और कम समय में किया जा सकेगा. इससे खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा और किसानों को भी फायदा मिलेगा.
- सरकार इस योजना के तहत ड्रोन खरीदने के लिए महिलाओं को बड़ी आर्थिक मदद दे रही है. ड्रोन और उससे जुड़े उपकरणों की कुल लागत का 80% तक यानी अधिकतम 8 लाख रुपये तक की सहायता केंद्र सरकार देती है.
- बाकी राशि एसएचजी के क्लस्टर स्तर के संघ (सीएलएफ) राष्ट्रीय कृषि अवसंरचना वित्तपोषण सुविधा (AIF) के तहत लोन लेकर जुटा सकते हैं, जिसमें 3% तक की ब्याज छूट भी मिलती है.
- योजना के तहत मिलने वाला ड्रोन सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि पूरा पैकेज होता है. इसमें स्प्रे सिस्टम वाला ड्रोन, चार अतिरिक्त बैटरियां, प्रोपेलर, नोजल सेट, फास्ट चार्जर, बैटरी हब जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं.
- इसके अलावा ड्रोन चलाने के लिए महिलाओं को 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिसमें उड़ान से लेकर छोटे-मोटे रिपेयर और रखरखाव तक की जानकारी दी जाती है. साथ ही एक साल का बीमा और दो साल का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है.
महिला समूहों को सौंपे गए 500 ड्रोन
सरकार के अनुसार, 2023-24 में उर्वरक कंपनियों ने इस योजना के तहत 500 ड्रोन पहले ही महिला समूहों को सौंप दिए हैं. इन सभी ‘ड्रोन दीदियों’ को डीजीसीए से मान्यता प्राप्त संस्थानों में ट्रेनिंग भी दी गई है. इस योजना के असर को समझने के लिए बैंगलोर के कृषि विकास और ग्रामीण परिवर्तन केंद्र (ADRTC) ने एक अध्ययन किया. इसमें पाया गया कि पहले जो महिलाएं पारंपरिक खेती तक सीमित थीं, अब वे ड्रोन तकनीक की मदद से ज्यादा कुशल और उत्पादक बन रही हैं. उनकी आय बढ़ी है और काम के नए अवसर भी खुले हैं.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें




