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Mutual Fund Investment : बाजार नियामक सेबी ने गिफ्ट कार्ड के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश का ऑप्शन देने पर प्रस्ताव दिया है. म्यूचुअल फंड एसोसिएशन एम्फी ने इसे लेकर नियामक को प्रस्ताव दिया था. सेबी ने अभी इस पर 14 अप्रैल तक जनता से सुझाव मांगा है और इसके बाद निवेश के नियमों को लागू कर दिया जाएगा.
गिफ्ट कार्ड के जरिये भी म्यूचुअल फंड में निवेश किया जा सकेगा.
नई दिल्ली. बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए गिफ्ट कार्ड या गिफ्ट प्रीपेड भुगतान कार्ड (पीपीआई) शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य नए निवेशकों को शामिल करके वित्तीय समावेश को बढ़ावा देना है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि इसके तहत, गिफ्ट पीपीआई का खरीदार इसे किसी प्राप्तकर्ता को उपहार में दे सकता है, जो इसका उपयोग म्यूचुअल फंड यूनिट खरीदने के लिए कर सकता है.
सेबी ने गिफ्ट कार्ड से निवेश को मंजूरी देने पर विचार तो किया है लेकिन इसके लिए एक शर्त भी रख दी है. इन पीपीआई में निवेश केवल भारतीय बैंक खाते से इलेक्ट्रॉनिक बैंक ट्रांसफर (यूपीआई) के माध्यम से किया जा सकेगा. इनकी वैधता जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक रहेगी. इसका मतलब है कि गिफ्ट कार्ड बनवाने के एक साल तक इसका इस्तेमाल निवेश में किया जा सकता है.
गिफ्ट कार्ड से कितना होगा निवेश
सेबी ने गिफ्ट पीपीआई के माध्यम से किए गए निवेश के लिए प्रति निवेशक सालाना 50,000 रुपये की सीमा का सुझाव दिया है. नियामक ने कहा है कि संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) की ओर से आरटीए (रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट) प्रत्येक निवेशक द्वारा प्रति वित्तवर्ष में प्रति एएमसी गिफ्ट पीपीआई, ई-वॉलेट और नकद के माध्यम से किए गए निवेश की राशि पर नजर रखेंगे. यदि गिफ्ट पीपीआई भुनाकर होने वाला लेनदेन 50,000 रुपये से अधिक हो जाता है, तो आरटीए लेनदेन को अस्वीकार कर देगा और पीपीआई का अंकित मूल्य जारीकर्ता के एस्क्रो खाते में वापस कर दिया जाएगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें





