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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. संसद भवन में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अहम बैठक हुई, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज मंत्री शामिल हुए. पेट्रोलियम और शिपिंग मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी और भारतीय जहाज सुरक्षित हैं. कल सरकार ने स्थिति पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.
पैनिक न हों! पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार का बड़ा बयान, जानिए कितना है देश का स्टॉक? (PTI Photo)
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बाद पैदा हुए वैश्विक संकट ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. संसद भवन में आज ‘ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स’ (GoM) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और जेपी नड्डा जैसे कद्दावर मंत्री शामिल हुए. सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि खाड़ी देशों में छिड़ी इस जंग का असर भारत की रसोई और आम आदमी की जेब पर न पड़े. कल इसी विषय पर सरकार ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, ताकि पूरे विपक्ष को विश्वास में लिया जा सके.
पैनिक बुकिंग से बचें, रिफायनरी और स्टॉक पूरी तरह तैयार
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर सामान्य रूप से काम चल रहा है और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है. हालांकि, युद्ध की खबरों के बीच कल कुछ लोगों ने पैनिक होकर गैस सिलेंडर की एडवांस बुकिंग शुरू कर दी थी, लेकिन मंत्रालय ने साफ किया है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है.
सरकार ने एक बड़ा निर्देश देते हुए पाइपलाइन सुविधा वाले इलाकों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ियों को 5 दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन देने का आदेश दिया है. कॉमर्शियल एलपीजी का कोटा भी बढ़ाया गया है ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे.





