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वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को परोसे गए खाने और दही में जिंदा कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया है. जांच में सामने आया कि 4 मार्च को बना दही 15 मार्च को परोसा जा रहा था. प्रीमियम किराये के बावजूद 11 दिन पुराना और दूषित खाना मिलने पर यात्रियों ने जमकर हंगामा किया. IRCTC ने सर्विस प्रोवाइडर पर कार्रवाई की है लेकिन यात्रियों ने स्वच्छता मानकों और भारी किराए पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
वंदे भारत ट्रेन में खाने की क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं.
नई दिल्ली: देश की सबसे आधुनिक और प्रीमियम ट्रेन मानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर विवादों में है. इस बार मामला तकनीकी खराबी का नहीं बल्कि यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ का है. ट्रेन में परोसे गए भोजन में मैगॉट्स (मक्खी के लार्वा/कीड़े) मिलने से हड़कंप मच गया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय रेलवे के खानपान और स्वच्छता मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस वीडियो में रेलवे स्टाफ खाने में मिले कीड़े को केसर बताकर बचने का प्रयास करता नजर आ रहा है.
कैसे खुला सड़े हुए खाने का राज?
ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने जब दही का कप आधा खा लिया तब उसकी नजर उसमें तैरते हुए जिंदा कीड़ों पर पड़ी. शोर मचने पर जब अन्य यात्रियों ने अपने खाने की जांच की तो कई अन्य मील बॉक्स और दही के कपों में भी कीड़े पाए गए. यात्रियों ने तुरंत पैंट्री मैनेजर को बुलाकर नाराजगी जताई.
11 दिन पुराना खाना परोसा जा रहा था!
वीडियो में देखा जा सकता है कि जब यात्रियों ने पैंट्री अटेंडेंट से जवाब मांगा तो उसने स्वीकार किया कि दही के कप 4 मार्च को बने थे और उन्हें 15 मार्च को परोसा जा रहा था. यानी पूरे 11 दिन का अंतर. जब यात्रियों ने एक्सपायरी डेट को लेकर सवाल किया तो कर्मचारी ने लापरवाही भरा जवाब देते हुए कहा कि यह एक्सपायरी नहीं, मैन्युफैक्चरिंग डेट है. यात्रियों का गुस्सा इस बात पर था कि परोसने से पहले गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई.
रेलवे का एक्शन
ट्रेन नंबर 21896 (पटना- टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस) में 15 मार्च 2026 को मिली भोजन संबंधी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की गई. IRCTC पर ₹10 लाख, सेवा प्रदाता को 50 लाख का जुर्माना लगाया गया और उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का आदेश दिया गया.
मुख्य प्वाइंट्स
· जिंदा लार्वा: दही और भोजन में मैगॉट्स (मक्खी के लार्वा) पाए गए, जो सड़े हुए खाने पर मक्खियों के अंडे देने से पैदा होते हैं.
· लापरवाही का आलम: 11 दिन पुराने दही के कप यात्रियों को ‘प्रीमियम मील’ के नाम पर दिए गए.
· फूड पॉइजनिंग का डर: कई यात्री आधा खाना खा चुके थे, जिससे उन्हें गंभीर फूड पॉइजनिंग का खतरा सता रहा है.
· IRCTC की कार्रवाई: मामला बढ़ने पर IRCTC ने संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की बात कही है.
Kalesh in Vande Bharat train over worms in served food.





