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आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में ट्रांसजेंडर बिल का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने सरकार को वादाखिलाफी और बजट खर्च न करने पर घेरा. सिंह ने सदन में बीजेपी नेताओं के आचरण पर सवाल उठाते हुए बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की.
राज्यसभा में AAP सांसद संजय सिंह (Photo : Sansad TV)
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सदन में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़े संशोधन बिल पर मोदी सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया. संजय सिंह ने इस बिल को किन्नर समाज के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार दिया है. उन्होंने मांग की है कि इस संवेदनशील बिल को तुरंत वापस लेकर सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए. सिंह ने तर्क दिया कि जिस समाज के लिए कानून बन रहा है, कम से कम उनकी भावनाओं और विशेषज्ञों की राय को तो सुना जाना चाहिए. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पौराणिक संदर्भों से लेकर आधुनिक आंकड़ों तक का जिक्र किया. संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने किन्नर कल्याण के लिए आवंटित बजट का एक छोटा हिस्सा भी खर्च नहीं किया है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी नेताओं के आचरण पर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए सदन की गरिमा और नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए.
बीजेपी वाले शराब-सिगरेट नहीं पीते?
संजय सिंह ने सदन में बीजेपी नेताओं के आचरण पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने सत्तापक्ष के उन बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया, जिनमें किन्नर समाज के लोगों के लिए ‘शराब और सिगरेट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. सिंह ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या बीजेपी के लोग दूध के धुले हैं और क्या वे नशा नहीं करते? इस तीखी बहस के बीच चेयर पर मौजूद डॉक्टर दिनेश शर्मा ने उन्हें टोकते हुए अपनी बात समाप्त करने को कहा. हालांकि, संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी व्यक्तिगत रूप से दिनेश शर्मा के लिए नहीं थी. उन्होंने जोर देकर कहा कि तिरुचि शिवा के ऐतिहासिक बिल को लोकसभा में पलटकर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है. अंत में उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि बिना सेलेक्ट कमेटी की समीक्षा के इस बिल को पास करना किन्नर समाज के साथ अन्याय होगा.
‘भगवान राम के आशीर्वाद का अपमान कर रही है सरकार’
संजय सिंह ने सदन में रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भगवान श्रीराम वनवास जा रहे थे, तब उन्होंने नर और नारी को वापस जाने को कहा था. लेकिन किन्नर समाज वहीं रुककर उनका इंतजार करता रहा. उनकी इस अटूट भक्ति को देखकर प्रभु राम ने उन्हें आशीर्वाद दिया था. सिंह ने कहा कि जिस समाज को हर शुभ काम में दुआएं देने के लिए बुलाया जाता है, आज सरकार उसी के साथ धोखा कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो पूरे देश का किन्नर समाज इनके चेहरे पर कालिख लगाने का काम करेगा.
बजट के आंकड़ों में छिपा है असली सच?
सांसद ने सरकार के दावों की हवा निकालते हुए बजट के आंकड़े पेश किए. उन्होंने बताया कि साल 2021-22 में 20 करोड़ रुपये आवंटित हुए लेकिन खर्च मात्र 1.91 करोड़ हुए. इसी तरह 2024-25 में 68 करोड़ के बजट में से केवल 5 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए. सिंह ने पूछा कि जब पैसा खर्च ही नहीं करना था तो यह दिखावा क्यों? उन्होंने कहा कि सरकार केवल कागजों पर कल्याण की कहानी सुना रही है, जबकि हकीकत में प्रतिशत का आंकड़ा बेहद शर्मनाक है. यह किन्नर समाज के उत्थान के नाम पर केवल एक छलावा है.
क्या पहचान के लिए भी अब लाइन में लगना होगा?
संजय सिंह ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इन्होंने नोटबंदी, गैस और राशन के लिए पूरे देश को लाइन में खड़ा कर दिया. अब एक ट्रांसजेंडर को अपनी पहचान साबित करने के लिए अधिकारियों के सामने लाइन में लगना होगा. उसकी जांच की जाएगी और उसे अपमानित किया जाएगा. उन्होंने लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, मधु किन्नर और जोयिता मंडल जैसे दिग्गजों का नाम लेते हुए कहा कि इस समाज ने देश का नाम रोशन किया है. ऐसे में उनकी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सदन में तीखे लहजे में कहा कि कुछ लोग शराब और सिगरेट के नशे में आकर ऐसी बातें करते हैं, जो नैतिकता के खिलाफ हैं.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें





