रामनवमी को लेकर पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं. प्रसाद से लेकर भगवान के श्रृंगार के लिए फूलों तक की विशेष व्यवस्था की जा रही है. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कतार प्रबंधन पर भी खास ध्यान दिया गया है. मंदिर का पट रात 2 बजे से ही खोल दिया जाएगा. इसके बाद दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहेगा.
महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. मंदिर के गर्भ गृह में 80 टन का एसी इंस्टॉल किया गया है ताकि भक्तों को गर्मी से निजात मिल पाए. पुलिस प्रशासन, प्राइवेट सुरक्षा गार्ड और स्वयं सेवकों से अपील किया गया है कि किसी भक्त को हाथ पकड़ कर आगे नहीं बढ़ाया जाए. सबके साथ मानवीय तरीके से पेश आएं.
कब है रामनवमी, 26 या 27 मार्च
रामनवमी को लेकर भक्तों के बीच यह कन्फ्यूजन बना हुआ है कि यह पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा या 27 मार्च को. इस भ्रम को दूर करने के लिए महावीर मंदिर प्रशासन ने बनारस और पटना के ज्योतिषियों और आचार्यों से परामर्श किया. इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी. इस संबंध में जानकारी देते हुए श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि विद्वानों की राय के अनुसार रामनवमी का पर्व सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच मनाया जाता है.
26 मार्च को दोपहर 2:12 बजे से प्रारंभ
बनारस पंचांग के अनुसार नवमी तिथि 26 मार्च को दोपहर 2:12 बजे से प्रारंभ हो रही है, जबकि मिथिला पंचांग में यह समय 2:20 बजे से है. ऐसे में दोनों ही पंचांगों के अनुसार नवमी तिथि 11 बजे से 1 बजे के बीच नहीं पड़ रही है, इसलिए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि रामनवमी 27 मार्च को ही मनाई जाएगी. सुबह 8 बजे से ध्वज बदलने की पूजा शुरू हो जाएगी और 12 बजे तक पूजा सम्पन्न हो जायेगा
दो बजे खुल जाएगा पट, एको मिलेगा सम्मान
उन्होंने आगे बताया कि 27 मार्च को रात्रि 2 बजे ही महावीर मंदिर का पट खोल दिया जायेगा. बिना फूल माला या प्रसाद के जो भक्त महावीर मंदिर में दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए उत्तरी गेट से एंट्री की व्यवस्था की गई है. दोपहर 12 बजे के बाद इसी गेट से प्रवेश कर आसानी से दर्शन कर सकते हैं. सुबह से गेट के पास इकट्ठा ना हों, 12 बजे के बाद ही पहुंचे.वैसे भक्त जो फूल माला और प्रसाद के साथ दर्शन करना चाहते हैं वे आर ब्लॉक स्थित वीर कुंवर सिंह पार्क से कतार में लगकर मंदिर तक पहुंचेंगे. सचिव सायण कुणाल ने बताया कि कई श्रद्धालु एक दिन पहले से ही कतार में लग जाते हैं, ताकि सबसे पहले दर्शन कर सकें. लोगों के इस भक्ति को देखते हुए पट खुलने के बाद सबसे पहले दर्शन करने वाले दस भक्तों को महावीर मंदिर की ओर से सम्मानित किया जाएगा.
भक्त यहां पार्क कर सकते हैं वाहन
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जो भक्त अपने वाहन से दर्शन करने के लिए आयेंगे, वे अपने बाइक या कार की पार्किंग जीपीओ गोलंबर स्थित मल्टी मॉडल हब और बुद्ध स्मृति पार्क के पास स्थित पार्किंग हब में कर सकते हैं. रामनवमी के दिन के लिए यह व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क है. इसके अलावा, भक्तों की सुविधा के लिए महावीर मंदिर से लेकर जीपीओ गोलंबर तक कुल 20 एलईडी स्क्रीन लगाने की व्यवस्था की जा रही है ताकि भक्तों को कतार में भी दर्शन होता रहे.
विदेशों से आ रहा है फुल
हनुमान जी के श्रृंगार के लिए कोलकाता के रास्ते कंबोडिया और वियतनाम से अलग अलग प्रकार के सुगन्धित पुष्प मंगाए जा रहे हैं. इससे रामदरबार को सजाया जाएगा. भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर के अंदर से लेकर बाहर तक सीसीटीवी कैमरे की पूरी तरह से निगरानी रहेगी. रामनवमी के बाद भी यह सुविधा बरकरार रहेगी. इसका कंट्रोल मंदिर के निकट स्थित ट्रैफिक पोस्ट से की जायेगी. इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पानी और शर्बत की व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, मेडिकल कैंप और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
मंदिर में नहीं होगी नैवेद्यम का काउंटर
महावीर मंदिर से आर ब्लॉक के बीच करीब 15 नैवेद्यम लड्डू काउंटर लगाए जाएंगे. ध्यान रहे कि मंदिर के अंदर नैवेद्यम लड्डू के लिए कोई काउंटर नहीं रहेगा. सभी काउंटर मंदिर के बाहर ही लगाए जाएंगे. इस बार 24 हजार किलो नैवेद्यम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें से 18 हजार किलो नैवेद्यम पहले से बनाकर तैयार रखा जाएगा, जबकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 6 हजार किलो नैवेद्यम बनाने की तैयारी भी रखी जाएगी. आपको बता दें कि पिछले साल भी 18 हजार किलो नैवेद्यम बनाकर तैयार रखा गया था. उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार मांग को देखते हुए 24 हजार किलो नैवेद्यम तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है..





