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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बड़े फैसले लिए हैं. ‘इमिग्रेशन, वीजा और फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग’ (IVFRT) योजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी गई. IVFRT 3.0 से इमिग्रेशन सिस्टम हाईटेक होगा. AI और डिजिटल ट्रैकिंग लागू होगी. UDAN स्कीम को मजबूत किया गया है. 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनेंगे. क्लाइमेट के लिए नया NDC प्लान भी मंजूर हुआ है. 2035 तक 47 प्रतिशत एमिशन कम करने का लक्ष्य रखा गया है. कुल 30,640 करोड़ का बजट तय हुआ है.
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (फाइल फोटो : पीटीआई)
नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने भारत की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए IVFRT 3.0 को हरी झंडी दे दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुधवार की बैठक में तीन बड़े फैसले किए गए. इनमें मॉडिफाइड UDAN स्कीम, IVFRT 3.0 और भारत का नया क्लाइमेट प्लान शामिल है. कुल 30,640 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश तय किया गया है. इसका सीधा असर आम लोगों की यात्रा, सुरक्षा और पर्यावरण पर पड़ेगा. जहां एक तरफ छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ इमिग्रेशन सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाया जाएगा. साथ ही भारत ने क्लाइमेट चेंज को लेकर भी बड़ा टारगेट सेट किया है, जिससे इंटरनेशनल लेवल पर उसकी पोजिशन और मजबूत होगी.
IVFRT 3.0 से इमिग्रेशन सिस्टम होगा स्मार्ट और सुरक्षित
- IVFRT 3.0 को 5 साल के लिए मंजूरी मिली है. इस पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसका मकसद है इमिग्रेशन सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और सिक्योर बनाना.
- इसमें AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल होगा. IRIS स्कैनिंग और फेस रिकग्निशन जैसी टेक्नोलॉजी लागू होगी. एयरपोर्ट पर सेल्फ सर्विस कियोस्क लगाए जाएंगे.
- डेटा सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा. सभी इमिग्रेशन चेक पोस्ट को एक यूनिफाइड सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इससे यात्रियों का प्रोसेस तेज होगा और सिक्योरिटी भी मजबूत होगी.
UDAN स्कीम में बड़े बदलाव से एयर कनेक्टिविटी का विस्तार
- सरकार ने UDAN स्कीम को और ज्यादा आक्रामक तरीके से लागू करने का फैसला लिया है. इस योजना के तहत 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे. हर एयरपोर्ट पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके अलावा 200 नए हेलीपैड भी बनाए जाएंगे, जो खासकर पहाड़ी और दूरदराज इलाकों के लिए मददगार होंगे.
- एयरलाइंस को Viability Gap Funding दी जाएगी. इसमें सरकार 80 से 90 प्रतिशत तक सपोर्ट देगी. यह सपोर्ट अगले 5 साल तक धीरे-धीरे कम होगा. इससे छोटे रूट्स पर फ्लाइट्स चलाना आसान होगा.
- इसके साथ ही ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए भी फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जाएगा. एयरपोर्ट ऑपरेटर को हर साल 3 करोड़ तक मदद मिलेगी.
क्लाइमेट टारगेट में भारत का बड़ा कमिटमेंट
सरकार ने 2031 से 2035 के लिए नया NDC प्लान मंजूर किया है. इसमें क्लाइमेट चेंज से लड़ने के लिए कई बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं.
भारत ने 2035 तक GDP के मुकाबले 47 प्रतिशत एमिशन कम करने का टारगेट रखा है. इसके अलावा 60 प्रतिशत बिजली उत्पादन नॉन फॉसिल सोर्स से करने का लक्ष्य है.
कार्बन सिंक को भी बढ़ाने की योजना है. इसके तहत 3.5 से 4 बिलियन टन CO2 बराबर कार्बन स्टोर किया जाएगा. इसके साथ ही क्लाइमेट फ्रेंडली डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और ग्रीन लाइफस्टाइल को बढ़ावा देना भी प्लान में शामिल है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें




