Aaj Ka Mausam Live: 70KM की रफ्तार से तूफान, ठनका और बारिश; राजस्थान से बिहार तक 15 जिलों में कुदरत का कहर, IMD का ‘महा-अलर्ट’

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Today Weather Live: मार्च के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है. लोग सोच रहे थे कि अब गर्मी रफ्तार पकड़ेगी. लेकिन मौसम ने अचानक पलटी मार दी. तेज धूप की जगह अब काले बादल छा गए हैं. हवाएं रफ्तार पकड़ रही हैं. कई जगहों पर गरज-चमक और बारिश शुरू हो चुकी है. राजस्थान से लेकर बिहार तक करीब 15 जिलों में मौसम का मिजाज खतरनाक हो गया है. आंधी, ठनका और ओलावृष्टि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग (IMD) ने साफ कहा है कि यह सामान्य बारिश नहीं है, बल्कि एक बड़ा वेदर सिस्टम एक्टिव है, जो अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा. इसलिए यह समय लापरवाही का नहीं, सतर्कता का है.

  • देशभर में मौसम के इस बदलाव के पीछे एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हवाओं का संयुक्त असर है. यही वजह है कि उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं. कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं आंधी और तूफानी हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं.
  • मौसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च से लेकर 30 मार्च तक यह सिस्टम पूरी तरह सक्रिय रहेगा. इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ इलाकों में यह 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की संभावना है. तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है.
राजस्थान में भी मौसम ने करवट ले ली है. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली-NCR में बदला मौसम

  • दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने पूरी तरह से करवट ले ली है और यह बदलाव अब साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है. सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है. दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है और शाम या देर रात के समय हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. इसके साथ ही 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो मौसम को और ठंडा बना सकती हैं. इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ेगा, जहां अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम का यह उतार-चढ़ाव अस्थिरता भी पैदा करेगा.
  • वहीं बारिश और हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार की संभावना जताई जा रही है. हाल के दिनों में प्रदूषण से जूझ रहे लोगों को साफ हवा मिल सकती है, इससे सांस संबंधी परेशानियों में भी राहत मिल सकती है. हालांकि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने या ट्रैफिक प्रभावित होने जैसी घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

यूपी में मौसम का असर

  • उत्तर प्रदेश में मौसम का असर काफी व्यापक और गंभीर नजर आ रहा है. राज्य के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में बादलों की आवाजाही तेज हो गई है, इससे मौसम लगातार बदलता हुआ दिखाई दे रहा है. 26 मार्च से लेकर 29 मार्च तक कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है. इसके साथ तेज हवाएं भी चलेंगी. इस दौरान दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज होगी, इससे गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी. लेकिन मौसम का अस्थिर मिजाज लोगों की चिंता बढ़ा रहा है.
  • तेज आंधी के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने करीब 15 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो कई जगहों पर नुकसान का कारण बन सकती है. खासकर किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि गेहूं और अन्य रबी फसलों को ओलों और तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है. साथ ही शहरों में भी ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.

उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ा खतरा

  • पहाड़ी राज्यों में मौसम का असर और ज्यादा खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यहां भौगोलिक परिस्थितियां जोखिम को बढ़ा देती हैं. उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बादल छाए रहने और बारिश के साथ बर्फबारी का दौर जारी रहने की संभावना है. रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जैसे जिलों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. यहां तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज होगी, इससे ठंड का असर फिर से बढ़ सकता है.
  • हिमाचल प्रदेश में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं. शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी जैसे इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है. इससे जहां एक ओर पर्यटकों के लिए मौसम आकर्षक बन सकता है, वहीं दूसरी ओर भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ जाएगा. सड़कों के बंद होने और यातायात बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

बिहार में ठनका और आंधी का खतरा

  • बिहार में मौसम का मिजाज इस समय सबसे ज्यादा खतरनाक नजर आ रहा है. राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ठनका (बिजली गिरने) का खतरा मंडरा रहा है. सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल, अररिया और पूर्णिया जैसे जिलों में विशेष चेतावनी जारी की गई है. इन इलाकों में अचानक मौसम खराब हो सकता है, इससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ेगा.
  • इसके अलावा 27 मार्च को पटना, गया, नालंदा और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है. यह स्थिति 30 मार्च तक बनी रह सकती है. किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. वहीं आम लोगों को भी खुले में जाने से बचने और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है.
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर काफी व्यापक और गंभीर नजर आ रहा है. (फोटो: पीटीआई)

राजस्थान में आंधी और बारिश

  • राजस्थान में भी मौसम ने करवट ले ली है और एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है. इसके प्रभाव से जयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर और जोधपुर संभाग में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे कई जगहों पर विजिबिलिटी कम हो सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है.
  • तापमान में गिरावट के कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप चिंता का कारण भी है. खासकर ग्रामीण इलाकों में तेज हवाएं फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसलिए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

मुंबई और महाराष्ट्र में मौसम

  • मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मौसम सामान्य रहने के साथ हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है. मुंबई में उमस बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और चिपचिपाहट महसूस हो सकती है. दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि रात में हल्की राहत मिल सकती है.
  • वहीं विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है. कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे मौसम में ठंडक महसूस होगी. हालांकि, यहां खतरा उत्तर भारत जितना गंभीर नहीं है, फिर भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

दक्षिण भारत में असर

  • दक्षिण भारत के राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है. इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं.
  • मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, इसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. खासकर मछुआरों और किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अचानक मौसम खराब हो सकता है.

नॉर्थ ईस्ट में भारी बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इन राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है. इसके अलावा भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, इससे पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

मौसम में इस बड़े बदलाव की वजह क्या है?

इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हवाओं का संयुक्त असर है. जब ये दोनों सिस्टम एक साथ सक्रिय होते हैं, तो वातावरण में अस्थिरता बढ़ जाती है. इससे बादल तेजी से बनते हैं और आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं. यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

सबसे ज्यादा खतरा उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में है. इन इलाकों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना ज्यादा है. खासकर बिहार और यूपी के कुछ जिलों में ठनका गिरने का खतरा अधिक है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है.

क्या इससे गर्मी से राहत मिलेगी?

हां, इस मौसम बदलाव के कारण तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी. हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी और अप्रैल की शुरुआत में तापमान फिर से बढ़ सकता है.

किसानों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

किसानों के लिए यह मौसम काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है. ओलावृष्टि, तेज हवाएं और बारिश के कारण गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को नुकसान हो सकता है. फसल गिरने और उत्पादन घटने का खतरा बना हुआ है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

लोगों को खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और मोबाइल या धातु की वस्तुओं का इस्तेमाल कम करें. मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते सावधानी बरती जा सके.



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