Strait of Hormuz: ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल की जंग में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की सबसे बड़ी चिंता बन गई है. इस संकरे जल मार्ग से दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल की ढुलाई होती है. ईरान ने अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में इसे प्रभावी रूप से ब्लॉक कर दिया है. सैकड़ों ऑयल टैंकर दोनों तरफ खड़े हैं और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि वह इस स्ट्रेट को किसी भी कीमत पर दोबारा खोल देंगे. लेकिन जानकारों का कहना है कि जंग थमने भर से ट्रैफिक सामान्य नहीं होगा. डिप्लोमैटिक डील या लंबे-खतरनाक सैन्य कब्जे के बिना पूरा रास्ता बहाल करना बेहद मुश्किल है. इसको लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र के भूगोल, छिपी हुई ताकतें और सैन्य जोखिम इसे जटिल बना रहे हैं.
भौगोलिक चुनौती
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) की प्रोफेसर कैटलिन तालमैज कहती हैं- ईरानियों ने भूगोल को अपने फायदे में इस्तेमाल करने के बारे में बहुत सोचा है. ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी की जेनिफर पार्कर कहती हैं कि संकरी जगह और ईरान की निकटता ही सबसे बड़ी समस्या है. इस स्ट्रेट में हमला होने पर जहाज के पास बचाव के लिए समय बहुत कम होता है. उन्हें कुछ मिनटों में जवाब देना पड़ता है.
ईरान की सैन्य ताकत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल की ढुलाई होती है. फोटो- रायटर
माइन्स सबसे बड़ा खतरा
जमीन पर जोखिम
अमेरिका अपने मरीन्स को इलाके में भेज रहा है. इनको द्वीपों पर रेड या एयर डिफेंस सिस्टम लगाने के लिए तैनात किया जा सकता है, लेकिन ईरान की बड़ी जमीनी सेना के कारण मुख्य भूमि पर घुसपैठ जोखिम भरी होगी. अगर अमेरिकी सैनिक मारे गए या पकड़े गए तो स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी. यहां तक कि बड़े सैन्य ऑपरेशन के बाद भी एक भी सफल हमला शिपिंग कंपनियों और इंश्योरेंस मार्केट का भरोसा तोड़ सकता है. फिलहाल सैकड़ों टैंकर पर्सियन गल्फ में खड़े हैं और आगे बढ़ने से हिचकिचा रहे हैं. पहले फरवरी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोजाना 80 ऑयल और गैस टैंकर गुजरते थे, लेकिन अब ट्रैफिक लगभग ठप है. नेवल एस्कॉर्ट सिर्फ कुछ जहाजों को एक साथ सुरक्षा दे सकता है. पूरी क्षमता बहाल करने के लिए शिप ओनर्स और इंश्योरेंस कंपनियों को यकीन दिलाना होगा कि जोखिम काफी कम हो गया है.
अमेरिकी सेना पर भी बोझ बनेगा
यह एयर कैंपेन और दूसरे मोर्चों से संसाधन खींच सकता है. ईरान ने पर्सियन गल्फ और गल्फ ऑफ ओमान दोनों जगह हमले किए हैं, इसलिए स्ट्रेट पार करने के बाद भी सुरक्षा की जरूरत रहेगी.
अंतिम समाधान डिप्लोमेसी
एमआईटी की कैटलिन तालमैज कहती हैं कि जब तक ईरान की तरफ से धमकी बनी रहेगी, ट्रैफिक पर असर रहेगा. चीजें पूरी तरह सामान्य होने के लिए डिप्लोमैटिक और पॉलिटिकल समाधान जरूरी है. ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर के साथ संयुक्त नियंत्रण का भी जिक्र किया, लेकिन ज्यादातर विकल्प सैन्य ही दिख रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बिना ईरान के साथ किसी समझौते के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखना लगभग नामुमकिन है. दुनिया को तेल की कीमतों, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता से निपटने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सिर्फ एक जलडमरूमध्य नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का गला है और इसे खोलना जितना आसान लगता है, उतना है नहीं





