Profitable vegetable farming : राजस्थान के भरतपुर जिले के सिंघाड़ा गांव से खेती-किसानी की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. यहां के प्रगतिशील किसान राजू ने पारंपरिक फसलों के ढर्रे को छोड़कर ‘गोल बैंगन’ की स्मार्ट खेती को अपनाया और आज वे लाखों के मुनाफे के साथ इलाके के किसानों के लिए मिसाल बन गए हैं. राजू ने मात्र 1 से 2 बीघा जमीन में आधुनिक तकनीक, समयबद्ध सिंचाई और जैविक खाद के संतुलन से न केवल पैदावार बढ़ाई, बल्कि फसल की गुणवत्ता को भी इस स्तर पर पहुंचाया कि मंडियों में व्यापारियों के बीच उनकी उपज की भारी मांग बनी हुई है. राजू का अनुभव बताता है कि सब्जी की खेती में मेहनत जरूर अधिक है, लेकिन यदि बाजार की मांग (Market Demand) को समझकर सही समय पर बुवाई और सटीक देखभाल की जाए, तो कम लागत में भी आय को दोगुना किया जा सकता है. उनकी इस ‘ग्रीन रिवोल्यूशन’ सफलता को देख अब गांव के अन्य किसान भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ सब्जी उत्पादन की ओर रुख कर रहे हैं. राजू ने साबित कर दिया है कि आधुनिक सोच और सही योजना के साथ आज के दौर में खेती को एक बेहद लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है.





