गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव में मशहूर असमिया गायक ज़ुबीन गर्ग के मौत का मामला राजनीतिक मुद्दा बनता हुआ दिख रहा है. सिंगापुर कोर्ट की ओर से जुबीन की मौत को लेकर आए फैसले के बाद मुख्य विपक्ष कांग्रेस हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया है. मशहूर सिंगर की मौत मामले में सिंगापुर कोर्ट की ओर से दिए गए फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. वहीं चुनावी सीजन में सरकार जनता की कोई नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती है, इसलिए खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ज़ुबिन को इंसाफ दिलाकर ही रहेंगे.
ज़ुबीन गर्ग की मौत पर क्या बोली कांग्रेस?
जुबीन की मौत पर सिंगापुर कोर्ट की ओर से आए फैसले पर कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने कहा कि पूरा असम सच जानना चाहता. लोग अपने चहेते सिंगर के लिए इंसाफ के इंतजार में हैं. मुख्यमंत्री को तत्काल बताना चाहिए कि हत्यारों को सजा मिलेगी या नहीं.
वहीं असम जातीय परिषद (AJP) के नेता चित्तरंजन बसुमतारी ने कहा कि जुबीन गर्ग की मौत से अब तक पर्दा नहीं उठ पाना चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग देशों की जांच एजेंसियां एक ही केस में अलग नतीजे पर कैसे पहुंच सकती है.
जुबीन की मौत की जांच पर उठे सवाल तो CM हिमंता ने दिया जवाब
सिंगापुर कोर्ट ने जुबीन गर्ग केस में क्या फैसला सुनाया?
मशहूर असमिया सिंगर जुबीन गर्ग मौत मामले में सिंगापुर की एक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया. वहां की जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने माना कि असमिया सिंगर की मौत डूबने की एक दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना थी.
गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत पिछले साल सितंबर में लाज़रस द्वीप के पास समुद्र में डूबने से हुई थी. यह खबर सिंगापुर स्थित मीडिया रिपोर्टों में आई थी. रिपोर्टों के अनुसार, सिंगापुर पुलिस कोस्ट गार्ड की ओर से की गई विस्तृत जांच के बाद, स्टेट कोरोनर एडम नखोदा ने यह निष्कर्ष निकाला कि यह मौत डूबने की एक दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना थी.
असम के एक सांस्कृतिक प्रतीक माने जाने वाले ज़ुबीन गर्ग ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे. 19 सितंबर, 2025 को अपने निर्धारित परफॉर्मेंस से ठीक एक दिन पहले उनका निधन हो गया. सिंगापुर स्थित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गर्ग एक यॉट (नाव) यात्रा पर गए थे और लाज़रस द्वीप के पास समुद्र के पानी में उतर गए थे.
गवाहों ने कोर्ट को बताया कि घटना से पहले उसने शराब पी थी और अपनी पहली तैराकी के दौरान उसने लाइफ जैकेट पहनी थी. लेकिन, बाद में उसने लाइफ जैकेट उतार दी और द्वीप की ओर तैरने की दूसरी कोशिश के दौरान पहनने से मना कर दिया.
दोस्तों के बार-बार यॉट पर लौटने की रिक्वेस्ट करने के बावजूद, गर्ग पानी में बेसुध हो गया और उसे वापस खींच लिया गया, जहां उन्हें होश में लाने की कोशिशें नाकाम रही.
कार्रवाई के दौरान पेश की गई एक टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में पता चला कि उसके खून में अल्कोहल की मात्रा 333 mg प्रति 100ml थी, जिससे पता चलता है कि पानी में उतरने से पहले उसने काफी शराब पी थी.
सिंगापुर जांच की रिपोर्ट में जुबीन की मौत को सामान्य डूबने की घटना माना
सिंगापुर की अदालत के निष्कर्ष मोटे तौर पर सिंगापुर पुलिस बल की पिछली टिप्पणियों से मेल खाते हैं, जिसने किसी भी साज़िश की संभावना से इनकार कर दिया था और मौत का कारण शराब के सेवन के बाद डूबना और लाइफ वेस्ट पहनने से इनकार करना बताया था.
इस बीच, इस मामले के असम में कानूनी नतीजे अभी भी जारी हैं, जहां एक विशेष जांच दल ने कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत कई लोगों के खिलाफ आरोप दायर किए हैं, जिनमें कार्यक्रम के आयोजक और गायक के सहयोगी शामिल हैं.
गर्ग की मौत से पूरे असम में गहरा शोक फैल गया था, और जब उनका पार्थिव शरीर गुवाहाटी वापस लाया गया, तो लाखों प्रशंसकों ने उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दी.
इस मामले में न्यायिक हिरासत में बंद सात आरोपियों में से, NEIF के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंता, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और उनके बैंड के दो सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंता पर हत्या के आरोप लगे हैं.
असम विधानसभा चुनाव में जबीन हत्या बड़ा मुद्दा
असम विधानसभा चुनाव में सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का मामला बड़ा मुद्दा है. सर्वे एजेंसी वोट ट्रैकर की ओर से जब असम चुनाव में लोगों के मुद्दे जानने की कोशिश की तो पता चला कि जुबीन की मौत बड़े वर्ग के लिए ज्वलंत है. सर्वे के मुताबिक, मशहूर सिंगर जुबिन गर्ग की मौत मामले की निष्पक्ष जांच न होने को 13 फीसदी लोगों ने सबसे बड़ा मुद्दा माना. ऐसे में विपक्षी कांग्रेस जहां इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने की कोशिश में है. वहीं सत्ताधारी बीजेपी भी इस मौत को लेकर लगातार उचित कार्रवाई के दावे कर रहा है.




