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पश्चिम बंगाल के मानिकतला में चुनावी पारा चढ़ गया है. टीएमसी ने दिग्गज नेता दिवंगत साधन पांडे की बेटी श्रेया पांडे को मैदान में उतारा है, जिनका मुकाबला बीजेपी के कद्दावर नेता तपस रॉय से है. श्रेया ने बीजेपी पर तीखे हमले किए हैं. लेकिन बड़ा सवाल क्या श्रेया पांडे अपने पहले चुनाव में मम्मी, पापा की विरासत को संभाल पाएंगी? क्योंकि बीजेपी ने इस सीट टीएमसी के दिग्गज रहे तपस रॉय को मैदान में उतारा है.
कौन हैं श्रेया पांडे, जिसने बंगाल चुनाव में गर्मी बढ़ा दी है?
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में मानिकतला विधानसभा सीट हमेशा से ही सत्ता का केंद्र रही है. 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने यहां से एक बड़ा दांव खेलते हुए दिवंगत पूर्व मंत्री साधन पांडे की बेटी श्रेया पांडे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. साधन पांडे का चुनावी अभियान भी शुरू हो गया है. श्रेया का ग्लैमरस अंदाज और मीडिया से बेबाकी से बातचीत बंगाल चुनाव की गर्मी को और बढ़ा दिया है. लेकिन श्रेया के सामने भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस सीट पर टीएमसी के ही पूर्व दिग्गज और कद्दावर नेता तपस रॉय को मैदान में उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प और कड़ा बना दिया है.
श्रेया पांडे का मानिकतला से गहरा नाता है. उनके पिता, साधन पांडे, इस क्षेत्र के निर्विवाद नेता माने जाते थे. साधन पांडे ने 2011 से लेकर अपनी मृत्यु तक लगातार मानिकतला का प्रतिनिधित्व किया. साल 2022 में उनका निधन हो गया. इससे पहले वे नौ बार विधायक रहे थे. साधन पांडे की मृत्यु के बाद यह सीट लंबे समय तक खाली रही थी, क्योंकि 2021 के चुनाव परिणामों को लेकर बीजेपी नेता कल्याण चौबे ने कोर्ट में याचिका दायर की थी. 2024 के उपचुनाव में टीएमसी ने साधन पांडे की पत्नी सुप्ति पांडे को टिकट दिया था, जिन्होंने भारी मतों से जीत दर्ज की. अब 2026 के मुख्य चुनाव में पार्टी ने उनकी बेटी श्रेया पांडे पर भरोसा जताया है, जो पिछले कई वर्षों से पर्दे के पीछे से अपने पिता के जनसंपर्क कार्यों को संभाल रही थीं.
चुनाव प्रचार के दौरान श्रेया पांडे ने बीजेपी और उनके उम्मीदवार तपस रॉय पर कड़े प्रहार किए हैं.
बीजेपी उम्मीदवार पर श्रेया के तीखे आरोप
चुनाव प्रचार के दौरान श्रेया पांडे ने बीजेपी और उनके उम्मीदवार तपस रॉय पर कड़े प्रहार किए हैं. एक हालिया साक्षात्कार और चुनावी सभा के दौरान श्रेया ने आरोप लगाया कि बीजेपी उनके और उनके परिवार के खिलाफ ‘नोंरमी’ गंदी राजनीति कर रही है. श्रेया ने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी को उनके साथ विकास के मुद्दों पर लड़ना चाहिए, न कि व्यक्तिगत हमले या साजिशें रचनी चाहिए.
श्रेया पांडे ने यह भी दावा किया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे उन लोगों को पहचानें जो केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं, जबकि उनका परिवार दशकों से मानिकतला के लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहा है.
तपस रॉय बनाम श्रेया पांडे
बीजेपी उम्मीदवार तपस रॉय के लिए यह चुनाव साख का सवाल है. तपस रॉय पहले टीएमसी में ही थे और मानिकतला के पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्रों से विधायक रह चुके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पाला बदला था. तपस रॉय का इस क्षेत्र में अपना एक मजबूत जनाधार है और वे एक अनुभवी राजनेता माने जाते हैं.मानिकतला की जनता के सामने अब एक तरफ साधन पांडे की ‘भावनात्मक विरासत’ है और दूसरी तरफ तपस रॉय का ‘राजनीतिक अनुभव’. श्रेया पांडे घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रही हैं और अपने पिता द्वारा किए गए विकास कार्यों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बता रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल साधन पांडे की बेटी के रूप में नहीं, बल्कि एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में जनता की सेवा करना चाहती हैं.
कुलमिलाकर तृणमूल कांग्रेस दिग्गज नेता स्वर्गीय साधन पांडे की सुपुत्री श्रेया पांडे को अपना उम्मीदवार घोषित कर एक मास्टरस्ट्रोक खेला है. श्रेया पांडे को टिकट मिलना न केवल उनके समर्थकों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि यह मानिकतला की जनता के साथ ‘पांडे परिवार’ के दशकों पुराने अटूट रिश्ते पर पार्टी की मुहर भी है. लेकिन बीजेपी ने भी इस चुनाव में इस बार ऐसी चक्रव्यूह की रचना की है, जिससे मानिकतला सीट की चुनावी गर्मी बढ़ सकती है.
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भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें





