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डीके शिवकुमार ने बीजेपी विधायक पर सीधा पर्सनल अटैक किया. शिवकुमार ने कहा, ‘मैं उन्हें 45 सालों से जानता हूं’. वे मेरे पास अपनी परेशानियां लेकर आए थे. मुझे उनके सारे राज बहुत अच्छे से पता हैं. मुझे मालूम है कि उनकी कार और दफ्तर में क्या-क्या हुआ है. शिवकुमार ने कहा कि वह सदन में हर राज खोलने के लिए तैयार हैं.
कर्नाटक विधानसभा में डीके शिवकुमार और मुनिरत्ना नायडू के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों पर तीखी बहस देखने को मिली.
बेंगलुरु. कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और भाजपा विधायक मुनिरत्ना नायडू के बीच तीखी व्यक्तिगत टिप्पणियों के कारण गरमागरम बहस और अव्यवस्था का माहौल बन गया. इसके बाद अध्यक्ष यूटी खादर को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने सदस्यों के आचरण की निंदा की.
बेंगलुरु के विकास पर चर्चा के दौरान उठाए गए मुद्दों का जवाब देते हुए शिवकुमार ने मुनिरत्ना की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और कहा कि विधायक ने सदन में अपनी ही कहानी सुनाई. भूमि विकास से लाभ के आरोपों का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्हें पूरी तरह समझ नहीं आया कि मुनिरत्ना क्या कहना चाह रहे थे.
शिवकुमार ने कहा, “मैं उन्हें 45 वर्षों से जानता हूं. वे मेरे पास आए और अपनी परेशानियां साझा कीं. मुझे पता है कि उनकी कार में विधान सौधा स्थित उनके कार्यालय में और अन्य जगहों पर क्या हुआ है. मैं इसे यहां नहीं उठाना चाहता, लेकिन सदन में इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हूं.”
मुनिरत्ना तुरंत खड़े हो गए और उपमुख्यमंत्री को कथित घटनाओं के बारे में खुलकर बोलने की चुनौती दी. हालांकि, शिवकुमार ने उन्हें बैठने के लिए कहा और उनका नाम लिए बिना स्पष्ट किया कि उन्होंने विपक्ष के नेता आर. अशोक को एड्स का इंजेक्शन लगाने की कोशिश करके उन्हें नुकसान पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया है, और इस संबंध में शिकायत और एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है.
गौरतलब है कि मुनिरत्ना पर पहले भी यौन उत्पीड़न और अन्य गंभीर अपराधों सहित कई आरोप लग चुके हैं. उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को एड्स का वायरस देकर खत्म करने की कोशिश की, जिसे उन्होंने नकार दिया है.
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने हस्तक्षेप करते हुए शिवकुमार से व्यक्तिगत हमले न करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि आप दोनों के बीच क्या बात हुई है. यहां कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है. इन मुद्दों का समाधान जल्दी नहीं हो सकता. इन दोनों को अलग से बुलाया जाना चाहिए और इनके लिए विशेष सत्र आयोजित किया जा सकता है.” बाद में मुनिरत्ना ने अशोक से संपर्क किया और कहा कि वे अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देंगे. अध्यक्ष यूटी खादर ने भी मुनिरत्ना को अपनी सीट पर बैठने का निर्देश दिया.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





