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Akash Air Defense System: भारतीय डिफेंस को लगातार ताकत देने की तैयारी चल रही है. इसी क्रम में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने उन्नत आकाश हथियार प्रणाली के FOPM को तैयार किया है. यह पलक झपकते ही दुश्मनों के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर और आधुनिक ड्रोन (UAV) को हवा में ही राख कर सकती है. चीन और पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए इस अचूक मिसाइल प्रणाली की डिलीवरी जल्द ही सेना को मिलने वाली है. आइए जानते हैं इस स्वदेशी ब्रह्मास्त्र की 5 सबसे बड़ी खूबियां.
आकाश एयर डिफेंस सिस्टम को मिली नई ताकत, हवा में ही खाक होंगे दुश्मन. (फोटो: PTI)
India Air Defense System : भारतीय सेना की ताकत और दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने की तैयारी की जा रही है. भारत के पास पहले से ही एस-400 और आकास एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं, जो भारतीय आसमान को दुश्मनों से सुरक्षित करती हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तो इनकी ताकत भी पूरी दुनिया ने देख लिया था. अब आकाश एयर-डिफेंस सिस्टम को और भी ताकतवर बनाने की तैयारी चल रही है. इस एयर-डिफेंस नेटवर्क में अब एक ऐसा ‘ब्रह्मास्त्र’ जुड़ने जा रहा है, जो आसमान से आने वाले हर खतरे को हवा में ही नेस्तनाबूद कर देगा.
रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने उन्नत उप-प्रणालियों के साथ नई आकाश मिसाइल के पहले प्रोडक्शन मॉडल (First of Production Model- FOPM) का सफलतापूर्वक परीक्षण और निर्माण पूरा कर लिया है. इसने परीक्षण के दौरान अपने टारगेट्स को सफलता पूर्वक भेद लिया था.
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने अपग्रेडेड सबसिस्टम वाले एडवांस्ड आकाश वेपन सिस्टम का फर्स्ट-ऑफ प्रोडक्शन मॉडल (FOPM) पूरा कर लिया है.
दुश्मनों को कड़ा संदेश
सैन्य तकनीक और रक्षा क्षेत्र में भारत की यह आत्मनिर्भरता चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के लिए एक स्पष्ट और कड़ा रणनीतिक संदेश है. हाल ही में इस मॉडल ने अलग-अलग हवाई टारगेट्स के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनके चिथड़े उड़ा दिए.
आकाश मिसाइल के 5 सबसे घातक फीचर्स:
- 1. घातक रेंज और अचूक सटीकता: आकाश एक कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है. इसकी मारक क्षमता 4.5 से 25 किलोमीटर तक है. यह 100 मीटर से लेकर 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ने वाले किसी भी टारगेट्स को आसानी से भेद सकती है. 710 किलो वजनी और 5870 मिमी लंबी यह मिसाइल संवेदनशील सैन्य ठिकानों की रक्षा के लिए बेहतरीन है.
- 2. एक साथ कई दुश्मनों का खात्मा: यह आधुनिक हथियार प्रणाली ग्रुप मोड या ऑटोनॉमस मोड में काम करता है. यह एक साथ कई टारगेट्स को निशाना बना सकती है. दुश्मन का लड़ाकू विमान हो, अटैक हेलीकॉप्टर हो या फिर कोई टोही ड्रोन (UAV) कोई भी आकाश के रडार से कोई नहीं बच सकता.
- 3. इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स: आधुनिक युद्ध में दुश्मन अक्सर मिसाइल को भटकाने के लिए जैमिंग का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन नई आकाश मिसाइल बिल्ट-इन ECCM तकनीक से लैस है. यह सक्रिय और निष्क्रिय जैमिंग दोनों के खिलाफ काम करती है, जिसका अर्थ है कि दुश्मन इसे अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से आसानी से चकमा नहीं दे सकता.
- 4. पूरी तरह से स्वचालित: दुश्मन के लक्ष्य का पता लगाने से लेकर उसे मार गिराने तक, इस मिसाइल का रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) बेहद तेज और पूरी तरह से स्वचालित है. इसका ओपन सिस्टम आर्किटेक्चर इसे भविष्य की नई सैन्य तकनीकों के अनुकूल बनाता है.
- 5. हाई मोबिलिटी और त्वरित तैनाती: इस पूरी हथियार प्रणाली को एक मोबाइल प्लेटफॉर्म पर कॉन्फ़िगर किया गया है. इसे सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है. लड़ाकू तत्वों के बीच सुरक्षित संचार नेटवर्क और इन-बिल्ट बिजली आपूर्ति इसे किसी भी दुर्गम इलाके में तुरंत तैनात करने में सक्षम बनाती है.
भारत की सीमा में नहीं घुस सकते हैं दुश्मन
बतातें चलें कि आकाश मिसाइल की रेंज 25 किलोमीटर है. ये भारत में दुश्मनों के किसी भी प्रकार के हमले को रोकता है. इसका काम भारत के आसमान की सुरक्षा करना है.
- अगर आकाश मिसाइल सिस्टम को पाकिस्तान से सटी लाइन ऑफ कंट्रोल या चीन से सटी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनात किया जाता है, तो यह सीमा के उस पार 25 किलोमीटर तक एक अभेद्य ‘हवाई सुरक्षा घेरा’ बना देती है.
- इसका मतलब है कि अगर चीन या पाकिस्तान का कोई भी विमान ड्रोन या हेलीकॉप्टर भारत की सीमा की तरफ उड़ान भरता है, तो यह मिसाइल उनके अपने हवाई क्षेत्र में ही यानी कि 25 किलोमीटर के दायरे में ही उन्हें इंटरसेप्ट करके हवा में राख कर देगी.
(IANS से इनपुट्स)
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें




