Iran War: कौन सा देश अमेरिका में कितना निवेश कर रहा? ईरान-इजराइल जंग में शुरू हुआ ‘इकोनॉमिक वॉर’?
मध्य पूर्व की जंग अब सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं रह गई है. अब इसमें आर्थिक मोर्चा भी अहम होता जा रहा है. मेजर गौरव आर्य ने पूरा गणित समाझाया.उन्होने बताया कि ताजा चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि ईरान का निशाना सीधे तौर पर अमेरिका की अर्थव्यवस्था हो सकता है. खाड़ी देशों का अमेरिका में भारी निवेश है. यूएई, कतर और सऊदी अरब जैसे देश ट्रिलियन डॉलर स्तर पर निवेश कर रहे हैं. ऐसे में अगर ये देश जंग से प्रभावित होते हैं, तो इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है. जंग के कारण इन देशों का टूरिज्म, एयरलाइन और तेल कारोबार प्रभावित हो रहा है. अगर कमाई घटती है, तो निवेश भी कम हो सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि यही ‘इकोनॉमिक वॉर”’ का हिस्सा है. यानी सीधे युद्ध के बजाय आर्थिक दबाव बनाकर असर डालना. कुल मिलाकर साफ है कि यह जंग अब कई स्तरों पर लड़ी जा रही है. इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.





