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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने बताया कि अगले दो महीनों के लिए क्रूड ऑयल सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है. पड़ोसी देशों में ईंधन महंगा हो रहा है, लेकिन भारत में कीमतें कंट्रोल में हैं. देश में एलपीजी उत्पादन 40 प्रतिशत तक बढ़ा है. खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नागरिक सुरक्षित हैं.
भारत में तेल की कोई किल्लत नहीं: सरकार. (Photo : PTI)
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन भारत में हालात स्थिर हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है. अगले दो महीनों तक सप्लाई सुरक्षित है. सरकार ने कई स्तरों पर फैसले लेकर संकट को कंट्रोल किया है. रिफाइनरी फुल कैपेसिटी पर काम कर रही हैं. घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन भी 40% तक बढ़ाया गया है. सबसे अहम बात यह है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं. सुजाता शर्मा के अनुसार, युद्ध जैसे हालात के कारण क्रूड, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई प्रभावित हुई. अंतरराष्ट्रीय कीमतें तेजी से बढ़ीं. इसके बावजूद सरकार ने पहले से तैयारी रखी. भारत के पास दो महीने का पर्याप्त क्रूड स्टॉक मौजूद है. देश की रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. कुछ जगहों पर उत्पादन क्षमता से ज्यादा आउटपुट लिया जा रहा है. इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 30 हजार छोटे सिलेंडर भी जारी किए गए हैं.
- भारत की 90% एलपीजी इम्पोर्ट होर्मुज स्ट्रेट से होती है. संकट के समय सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी. पहले कमर्शियल सप्लाई रोकी गई. फिर धीरे-धीरे 20%, 30%, 50% और अब 70% तक बहाल की गई.
- कुछ जगह पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें देखी गईं. यह अफवाहों का असर था. सरकार ने साफ कहा कि देश में किसी भी फ्यूल की कमी नहीं है. पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एलएनजी पूरी तरह उपलब्ध हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $70 से बढ़कर $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गया. इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं. सरकार ने सप्लाई और कीमत दोनों को संतुलित रखा है.
- देश में लॉकडाउन को लेकर चल रही अटकलों पर सरकार ने साफ रुख दिखाया है. पेट्रोलियम सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट कहा कि लॉकडाउन लगाने की कोई स्थिति नहीं है. सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है. उन्होंने यह भी बताया कि लॉकडाउन जैसे कदम पर विचार तक नहीं किया गया है. आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी.
- शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बंदरगाहों की सुरक्षा पर अहम जानकारी दी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाज और उनमें सवार नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं. सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नजर बनाए हुए है.
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने फ्रांस में हुई उच्च स्तरीय बैठकों का जिक्र किया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जी7 देशों के साथ बैठक में यूएनएससी सुधारों पर जोर दिया. भारत ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक संकटों के बीच वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें




