नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की सबसे बड़ी चिंता अपने समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को लेकर है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वीकली ब्रीफिंग में एक बड़ी राहत भरी खबर दी है. उन्होंने बताया कि अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते 4 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं. ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनातनी के कारण यह इलाका इस समय बेहद संवेदनशील बना हुआ है. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों का आवागमन बिना किसी बाधा के सुरक्षित तरीके से सुनिश्चित किया जा सके.
1971 के नरसंहार पर पाकिस्तान को दुनिया के सामने किया बेनकाब
भारत ने साफ कर दिया कि वह इस ऐतिहासिक अन्याय के खिलाफ न्याय की मांग में बांग्लादेश के साथ मजबूती से खड़ा है. पाकिस्तान आज भी अपने इन जघन्य अपराधों को स्वीकार करने से बचता रहा है, जिसे भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर से उजागर किया है.
सर्वदलीय बैठक और पाकिस्तान के बड़बोलेपन पर कड़ा जवाब
हालांकि, उन्होंने पाकिस्तानी नेताओं जैसे ख्वाजा आसिफ, बिलावल भुट्टो और इमरान खान की आलोचनात्मक टिप्पणियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वैश्विक संघर्षों पर पाकिस्तान का दोहरा रवैया पुराना है. भारत का रुख साफ है कि वह अपने हितों और क्षेत्रीय शांति को प्राथमिकता देगा. फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों और जहाजों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है.
बांग्लादेश से रिश्ते और मजबूत करेगा भारत: MEA
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बांग्लादेश को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार जारी है और भारत न केवल रिश्तों को बनाए रखना चाहता है, बल्कि उन्हें और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है. यह बयान बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह के इंटरव्यू के बाद आया है, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई थी. भारत का रुख साफ है कि क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा और आपसी विश्वास को मजबूत किया जाएगा.




