आम की फसल में मंजर आने का समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान पाउडरी मिल्ड्यू (सफेद फंगस) का हमला होने पर उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है. यह रोग मंजर, फूल और छोटे फलों को नुकसान पहुंचाकर पैदावार को 30 से 70 प्रतिशत तक घटा सकता है, इसलिए रोकथाम के लिए बगीचे की नियमित निगरानी करना जरूरी है. रासायनिक नियंत्रण के तहत घुलनशील गंधक 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. इसके अलावा हेक्साकोनाजोल या ट्रायडेमेफॉन का 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर 10 से 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करना भी प्रभावी है. जैविक उपाय के तौर पर किसान नीम तेल (5 मिली प्रति लीटर पानी) का छिड़काव कर सकते हैं। साथ ही, बगीचे में उचित दूरी बनाए रखना और हवा का संचार बनाए रखना भी जरूरी है, क्योंकि अधिक नमी इस रोग को बढ़ावा देती है.






