Agricultural education in Barmer : बाड़मेर में कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के दावों की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है. जिला मुख्यालय सहित बाटाडू और गुड़ामालानी में खोले गए कृषि कॉलेज पिछले तीन साल से बिना स्थायी फैकल्टी के ही संचालित हो रहे हैं. न प्रोफेसर हैं, न विषय विशेषज्ञ, और न ही नियमित कक्षाएं लग पा रही हैं. गेस्ट फैकल्टी के भरोसे पढ़ाई का जिम्मा छोड़ दिया गया है, जिससे छात्रों की शिक्षा और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. 2022 में बड़े उद्देश्य के साथ शुरू किए गए ये कॉलेज आज खुद समस्याओं का केंद्र बन गए हैं. इमारतें अधूरी हैं, हैंडओवर प्रक्रिया अटकी हुई है और सैकड़ों छात्र बिना उचित पढ़ाई के परीक्षा देने को मजबूर हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि इन छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?





