पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में राम नवमी जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. शुक्रवार को रघुनाथगंज में जुलूस के दौरान तीन अलग-अलग जगहों पर हिंसा भड़क गई. इस दौरान पथराव, दुकानों पर हमला, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिससे कई लोग घायल हो गए.
कैसे भड़की हिंसा?
बताया जा रहा है कि रघुनाथगंज में मैकेंजी पार्क की ओर जा रहे जुलूस के दौरान सिसातला इलाके में तेज संगीत बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसने हिंसक रूप ले लिया. इसके बाद फूलतला क्रॉसिंग के पास फिर से पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिससे हालात और बिगड़ गए.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया. प्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है.
क्या बता रही पुलिस?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अजित सिंह यादव ने बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और यातायात सामान्य हो गया है. उन्होंने कहा कि उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.
अधिकारी ने कहा, ‘अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय बल भी बुलाए गए हैं. दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.’ फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही है.
बीजेपी का क्या आरोप?
इस बीच बीजेपी नेता धनंजय घोष ने आरोप लगाया कि यह हिंसा ‘पूर्व नियोजित’ थी और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की. जंगीपुर नगर पालिका अध्यक्ष मोफिजुल इस्लाम ने प्रशासन से अपील की कि दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और शांति बनाए रखी जाए. प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
चुनाव से पहले बिगड़े हालात
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. मुर्शिदाबाद जिले में राम नवमी के दौरान हुई यह हिंसा राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है.
विपक्षी दल इस घटना को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोल रहे हैं. पुलिस ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है. दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है.





