लखीमपुर खीरी के गोला में 121 साल पुराना चैती मेला शुरू, 40 लाख से सजेगा आयोजन..जानिए किस दिन क्या होगा प्रोग्राम

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के गोला नगर में ऐतिहासिक चैती मेला का आयोजन होने जा रहा है. यह मेला 121 वर्षों से लगातार लगाया जा रहा है. यह ऐतिहासिक चैती मेला गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है. काफी दूर-दूर से लोग इस मेले को देखने के लिए आते हैं.

मेले को सजाने में लगेंगे 40 लाख 

इस बार नगर पालिका परिषद गोला 40 लाख रुपये की लागत से मेले को सजाने जा रही है. मेले के आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. ऐतिहासिक चैती मेले के लिए बोर्ड की बैठक में 40 लाख रुपये का बजट पास किया गया. चैती मेले को देखने के लिए कई जिलों के लोग यहां आते हैं और अपनी जरूरत का सामान भी खरीदते हैं. नगर और क्षेत्रवासियों को पूरे वर्ष इस मेले का इंतजार रहता है.

ब्रिटिश दौर से चली आ रही है परंपरा

ब्रिटिश शासन के समय वर्ष 1905 में नगर समिति की स्थापना के साथ ही मेले की परंपरा शुरू हुई थी. वर्ष 1936 में गोला शहर को टाउन एरिया का दर्जा मिलने के बाद नगर पालिका इस मेले का आयोजन कराने लगी. वर्ष 1946 में गोला को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्राप्त हुआ और तब से चैती मेले का भव्य आयोजन होने लगा.

जानकारी के अनुसार, पहले लोग गांवों से मेला देखने के लिए बैलगाड़ी, घोड़े और साइकिल से आते थे. पौराणिक शिव मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करते और रात भर रुककर चैती मेले का आनंद लेते थे. हालांकि, समय के साथ इस मेले में भी काफी बदलाव देखने को मिला है.

गंगा-जमुनी संस्कृति की पहचान

बातचीत के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला ‘रिंकू’ ने बताया कि 121 वर्ष पुराना चैती मेला एक बार फिर नगर में रौनक बिखेरने के लिए तैयार है. गंगा-जमुनी संस्कृति की पहचान बन चुके इस मेले का उद्घाटन 28 मार्च को किया जाएगा. नगर पालिका परिषद की ओर से आयोजित इस मेले में हर वर्ष की तरह इस बार भी सांस्कृतिक मंच पर विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा. साथ ही, मेले में मनोरंजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. चैती मेले में हर वर्ष एक दर्जन से अधिक झूले और 300 से ज्यादा दुकानें लगती हैं.

जानिए किस दिन होगा कौन सा सांस्कृतिक कार्यक्रम

28 मार्च को उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सुंदरकांड पाठ होगा.
29 मार्च को भजन संध्या कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
30 मार्च को मनोहरी कला केंद्र के कार्यक्रम होंगे.
31 मार्च को लोकनृत्य कार्यक्रम आयोजित होगा.
1 अप्रैल को बाल कवि सम्मेलन होगा.
2 अप्रैल को संगीत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा.
3 अप्रैल को जूनियर गायन-नृत्य कार्यक्रम होगा.
4 अप्रैल को स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे.
5 अप्रैल को सीनियर गायन-नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

6 अप्रैल को स्थानीय कवि सम्मेलन होगा.
7 अप्रैल को पंजाबी नाइट आयोजित की जाएगी.
8 अप्रैल को खाटू श्याम संकीर्तन होगा.
9 अप्रैल को धन निरंकार सत्संग कार्यक्रम होगा.
10 अप्रैल को स्थानीय संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
11 अप्रैल को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा.
12 अप्रैल को कपिल बाबरा झांकी प्रस्तुत की जाएगी.
13 अप्रैल को भोजपुरी कार्यक्रम आयोजित होगा.
14 अप्रैल को जवाबी कव्वाली होगी.
15 अप्रैल को कुलहिंद मुशायरा आयोजित किया जाएगा.
16 अप्रैल को मेले का समापन किया जाएगा.



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