Last Updated:
Moradabad News: मुरादाबाद में महिला जज के पिता और ‘अलवीना बेकर्स’ के मालिक मोहम्मद असद की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. डेढ़ महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर जफर और उसके दो बेटों के घर की पुलिस ने कुर्की कर दी. कोर्ट के आदेश पर हुई इस कार्रवाई में मकान के खिड़की-दरवाजे तक उखाड़ दिए गए और सारा सामान जब्त कर लिया गया. संपत्ति विवाद में सगे साले जफर ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया था.
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान थमता नजर नहीं आ रहा है. मुरादाबाद में एक महिला जज के पिता और मशहूर बेकरी संचालक मोहम्मद असद की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. डेढ़ महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर जफर और उसके बेटों के खिलाफ पुलिस ने कुर्की (धारा 83 के तहत) की कार्रवाई करते हुए उसके मकान को न सिर्फ खाली कराया, बल्कि खिड़की-दरवाजे तक उखाड़ दिए. कानून के हाथ से बचने की कोशिश कर रहे अपराधियों को पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि या तो सरेंडर करें, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहें.
प्रॉपर्टी विवाद में सगे साले ने मारी थी गोली
पूरा मामला मुरादाबाद के नागफनी थाना क्षेत्र का है. सिविल लाइंस इलाके की जिगर कॉलोनी में रहने वाले मोहम्मद असद ‘अलवीना बेकर्स’ के मालिक थे. उनकी बेटी आसमा सुल्ताना बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज के पद पर तैनात हैं. 27 फरवरी की शाम मोहम्मद असद अपने छोटे साले डेनियल के साथ स्कूटी से नमाज पढ़ने जा रहे थे, तभी रास्ते में उनके बड़े साले और शातिर हिस्ट्रीशीटर जफर ने अपने बेटों के साथ मिलकर उन्हें बीच सड़क पर सरेआम गोली मार दी थी. इस वारदात में मोहम्मद असद की मौके पर ही मौत हो गई थी. बताया जा रहा है कि प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे विवाद की वजह से जफर ने अपने ही बहनोई का खून कर दिया.
कोर्ट के आदेश पर हुई कुर्की की बड़ी कार्रवाई
वारदात के बाद से ही मुख्य आरोपी जफर हुसैन और उसके दो बेटे सैफुल जफर व हुसैन फरार चल रहे हैं. मुरादाबाद के सीजेएम कोर्ट ने इन तीनों के खिलाफ वारंट जारी कर एक महीने के भीतर पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन जब अपराधी हाजिर नहीं हुए, तो पुलिस ने कुर्की का रास्ता अपनाया. मंगलवार को नागफनी पुलिस और भारी बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी डहेरिया स्थित जफर के घर पहुंचे. पुलिस ने पहले ढोल बजवाकर ‘मुनादी’ कराई और फिर घर का एक-एक सामान, बेड, सोफा और फ्रिज से लेकर खिड़की-दरवाजे तक उखाड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर थाने ले आई. अंत में मकान को सील कर दिया गया.
50-50 हजार का इनाम, जम्मू में छिपे होने की आशंका
फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी सतपाल अंतिल ने पहले 25 हजार का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में डीआईजी ने बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जफर की पत्नी जम्मू-कश्मीर की रहने वाली है और उसने वारदात से पहले ही अपने परिवार को वहां शिफ्ट कर दिया था. पुलिस को गहरा शक है कि जफर और उसके बेटे जम्मू-कश्मीर के दुर्गम इलाकों में छिपे हुए हैं. पुलिस की टीमें लगातार वहां छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है.
पुलिस की रडार पर मददगार और रिश्तेदार
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि हत्या के इस मामले में जफर के दामाद फैजान और साथी आलमगीर समेत तीन लोग पहले ही जेल जा चुके हैं. अब मुख्य आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए संपत्ति कुर्क की गई है. पुलिस अब जफर के उन रिश्तेदारों और करीबियों पर भी नजर रख रही है, जो उसे फरारी काटने में मदद कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि अपराधियों के पास अब कानून के सामने झुकने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है.
About the Author

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


